प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

योगी सरकार की योजनाओं का लाभ ले रहे युवा

अमेरिका से लौटे रायबरेली के इंजीनियर ने बदल दी मछली पालन की तस्वीर, खड़ा किया मत्स्य पालन का सफल उद्यम

उत्तर प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए संचालित योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है।

अमेरिका से लौटे रायबरेली के इंजीनियर ने बदल दी मछली पालन की तस्वीर खड़ा किया मत्स्य पालन का सफल उद्यम

Sujit Chaudhary (File Photo) |

लखनऊ/रायबरेली (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए संचालित योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। योगी सरकार की नीतियों और योजनाओं का लाभ लेकर कई युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बन रहे हैं। प्रदेश सरकार का जोर कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में बढ़ावा देने पर है। मत्स्य पालन, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य ग्राम आधारित कार्यों में निवेश को प्रोत्साहित करने वाली योजनाएं युवाओं को नए अवसर उपलब्ध करा रही हैं। रायबरेली में मत्स्य पालन के क्षेत्र में काम कर रहे सुजीत चौधरी ने योगी सरकार के इस विजन को धरातल पर उतारा है।

एक इंजीनियर ने बदल दी मछली पालन की तस्वीर

सुजीत चौधरी ने बताया कि वे मूल रूप से बस्ती जनपद के निवासी हैं। उन्होंने साल 2005 में बीटेक की पढ़ाई पूरी और बाद में एक कंपनी के साथ जुड़ गए। साल 2007 में उन्हें कंपनी ने अमेरिका भेजा, जहां उन्होंने लगभग नौ वर्षों तक कार्य किया। उन्होंने बताया कि साल 2016 में वे भारत लौटे और नोएडा में एक सॉफ्टवेयर की शुरूआत की। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में कृषि आधारित उद्यम शुरू करने की दिशा में निर्णय लिया। इसी दौरान उन्होंने मत्स्य पालन क्षेत्र में निवेश करने का फैसला किया। 

50 से ज्यादा किसानों को साथ जोड़कर कर रहे मत्स्य पालन

सुजीत ने बताया कि उन्होंने साल 2019 में रायबरेली जनपद के महराजगंज क्षेत्र के गांव बल्ला में लगभग 10 हेक्टेयर भूमि लीज पर लेकर मत्स्य पालन की शुरुआत की थी। वर्तमान में वे इस क्षेत्र में 23 तालाबों के माध्यम से व्यावसायिक स्तर पर मछली उत्पादन कर रहे हैं। प्रतिवर्ष लगभग 500 से 600 टन मछली का उत्पादन और विपणन किया जाता है। उन्होंने बताया कि वे 50 से ज्यादा किसानों को साथ जोड़कर मत्स्य पालन से खुद के साथ- साथ दूसरों की भी आमदनी को बढ़ाने में जुटे हैं। सुजीत ने बिचौलियों से दूरी बनाकर खुद ही सीधे ग्राहकों से जुड़कर अपना कारोबार बढ़ाया है। वे खारे पानी में होने वाली समुद्री झींगा मछली का भी उत्पादन कर रहे हैं।

फिश हब और प्रशिक्षण केंद्र से युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर

मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत वर्ष 2021 में उन्हें 8.50 लाख रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ। इस सहायता ने उनके उद्यम के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब वह इसी क्षेत्र में एक फिश हब स्थापित करने की योजना पर काम कर रहे हैं। प्रस्तावित फिश हब में आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रयोगशाला और मत्स्य पालन से संबंधित प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य है, जिससे स्थानीय युवाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।

सुजीत चौधरी जैसे उद्यमियों की ऐसी पहल दर्शाती है कि सही नीतिगत सहयोग, तकनीकी ज्ञान और उद्यमशीलता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर आर्थिक गतिविधियां विकसित की जा सकती हैं। यह मॉडल न केवल स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने में सहायक है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान कर रहा है।
​(Published By: Ravi Pandey)

यह भी पढ़ें: कॉमेडियन समय रैना पर सख्त सुप्रीम कोर्ट, लगाया 3 लाख का जुर्माना; जानें पूरा विवाद

Related to this topic: