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यूपी के किसानों ने लिया ट्रेड शो में हिस्सा

खेत से बाजार तक बदलेगा किसानों का सफर, ट्रेड शो में ब्रांडिंग और डिजिटल बिक्री का मंत्र

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में आयोजित किसान मेले में पश्चिमी यूपी के किसानों को एफपीओ के माध्यम से ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल बिक्री द्वारा उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने के तौर-तरीके सिखाए।

खेत से बाजार तक बदलेगा किसानों का सफर ट्रेड शो में ब्रांडिंग और डिजिटल बिक्री का मंत्र

UP INTERNATIONAL TRADE SHOW 2026 | File Photo

ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)। फसल तैयार करने के बाद किसान को बाजार में उसका सही मूल्य मिले, इसके लिए अब खेती के साथ ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल बिक्री पर भी जोर दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में सोमवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को इसी बदलते बाजार की तस्वीर दिखाई गई। एक्सपो मार्ट में आयोजित पश्चिम मैदानी कृषि जलवायु क्षेत्र के किसान मेले में मेरठ मंडल समेत पश्चिमी यूपी के सात जिलों के प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने एफपीओ को किसानों की सामूहिक शक्ति के रूप में विकसित कर उत्पादन लागत घटाने, उपज का बेहतर मूल्य हासिल करने और बड़े बाजार तक सीधी पहुंच बनाने के उपाय बताए।

एक साथ खरीदेंगे तो घटेगी लागत, साथ बेचेंगे तो बढ़ेगी ताकत

कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के तहत आयोजित किसान मेले का शुभारंभ संयुक्त कृषि निदेशक (गुणवत्ता नियंत्रण) एवं एफपीओ के नोडल अधिकारी संतोष राय और संयुक्त कृषि निदेशक मेरठ मंडल स्मिता वर्मा ने किया। दोनों अधिकारियों ने कृषि गोष्ठी के साथ मेले में लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर के प्रगतिशील एवं उपलब्धि हासिल करने वाले किसान शामिल हुए।

विकास के लिए हिस्सा रखने और सदस्यों को लाभांश देने की व्यवस्था

परियोजना निदेशक (तकनीकी) नीरज सुव्रत ने एफपीओ के जरिए किसानों को बाजार से जोड़ने की संभावनाओं पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसान समूह बनाकर अपनी उपज को एकत्र करने के साथ उसकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग कर सकते हैं। इससे उत्पाद को बड़े खरीदारों और बाजार तक पहुंचाने का रास्ता आसान हो सकता है। किसानों को एफपीओ के जरिए बीज, खाद, कीटनाशक और कृषि यंत्रों की सामूहिक खरीद के फायदे भी बताए गए। थोक खरीद से लागत कम करने और सामूहिक बिक्री से बाजार में सौदेबाजी की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया। एफपीओ के कारोबार से होने वाले लाभ में संगठन के विकास के लिए हिस्सा रखने और सदस्यों को लाभांश देने की व्यवस्था की भी जानकारी दी गई।

दुकान से आगे ऑनलाइन बाजार में पहुंचेगी किसान की उपज

किसान मेले में डिजिटल कारोबार को लेकर भी किसानों को जानकारी दी गई। ओएनडीसी के उपाध्यक्ष प्रवीन चौधरी ने बताया कि एफपीओ ई-कॉमर्स के माध्यम से अपने उत्पादों को ऑनलाइन स्टोरफ्रंट पर सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकते हैं। डिजिटल भुगतान, प्रचार और आपूर्ति व्यवस्था जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर किसान समूह अपने उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ा सकते हैं। सिद्धार्थ गौतम ने किसानों को उपज का बेहतर मूल्य हासिल करने और उत्पादन लागत कम करने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि बीज, खाद, कीटनाशक और कृषि यंत्रों की सामूहिक खरीद तथा उपज की सामूहिक बिक्री किसानों की बाजार क्षमता को मजबूत कर सकती है।

जिले में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाएं

उप कृषि निदेशक गौतमबुद्धनगर विवेक दुबे ने जिले में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं और कृषक हित में कराए गए कार्यों की प्रगति प्रस्तुत की। उन्होंने विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसानों का आभार जताते हुए कृषि की तकनीकी जानकारी के साथ बाजार की नई व्यवस्थाओं को समझने और अपनाने पर जोर दिया। पश्चिमी यूपी के किसानों के लिए ट्रेड शो का यह मंच खेती से आगे बढ़कर उपज के कारोबार की पूरी श्रृंखला को समझने का अवसर बना। प्रदेश सरकार की कृषि नीति में किसानों को उत्पादन के साथ बाजार, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। किसान मेले में एफपीओ को इसी बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने रखा गया।

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