अनूपपुर। मध्य प्रदेश के कोतमा में शनिवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहां अग्रवाल लॉज की बहुमंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
अनूपपुर। मध्य प्रदेश के कोतमा में शनिवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहां अग्रवाल लॉज की बहुमंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस हादसे की सबसे मार्मिक कहानी हेमराज यादव की है, जो स्वयं जेसीबी ऑपरेटर हैं और घटना से अनजान वह मलबा हटा रहा था। पर उसे क्या पता कि नीचे उनके पिता दबे हुए थे।
जेसीही चालक की दर्दनाक दास्तां
मलबे की सफाई के दौरान जब जेसीबी चालक हेमराज यादव को पता चला कि जिस बिल्डिंग के अवशेष वह हटा रहे हैं, उसी के नीचे उनके पिता हनुमान दीन यादव दबे हैं, तो उनका कलेजा मुंह को आ गया। हेमराज ने रोते हुए बताया कि मुझे नहीं पता था कि जिस मलबे को मैं जेसीबी से हटा रहा हूं, उसी के नीचे मेरे पिता दबे हैं। सुबह उन्होंने कहा था कि आज काम पर नहीं जाएंगे, गांव में महुआ बीनने जाएंगे। हनुमान दीन के साथ उनके साले (जीजा-साले की जोड़ी) रामकृपाल यादव भी इस मलबे की चपेट में आ गए। दोनों की जान इस भीषण हादसे में चली गई। एक छात्र भी घंटों अपनी मां की तलाश में मलबे के पास बैठा रहा, जिसकी मां बाद में मृत पाई गई।
मुख्यमंत्री ने हादसे पर जताया गहरा दुख
हादसे के बाद एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने रात भर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों के लिए सहायता राशि की घोषणा की है। मृतकों के परिजनों को ₹9-9 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ घायलों को ₹2.5-2.5 लाख की मदद स्वेच्छा अनुदान और रेडक्रॉस से दी जाएगी।
उच्च स्तरीय जांच होगी
कलेक्टर ने मामले की हाई लेवल जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में पास के प्लॉट में खुदे गहरे गड्ढे को नींव कमजोर होने और हादसे की वजह माना जा रहा है।
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