MP News : एजेंसी, श्योपुर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस पर कुनो नेशनल पार्क में मादा चीता वीरा और उसके दो..
MP News : एजेंसी, श्योपुर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस पर कुनो नेशनल पार्क में मादा चीता वीरा और उसके दो 10 माह के बच्चे को जंगल में छोड़ेंगे। चीतों को पारोंड वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। यह क्षेत्र कूनो नेशनल पार्क के अंदर ही एक विशेष क्षेत्र हैं जहां सैलानी आते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि चीता परिवार को छोड़ने से इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और इस प्रोजेक्टसे मानव और चीता में लगाव बढेगा। पर्यावरण में घुलने-मिलने में होती है आसानी - मालूम हो कि चीता को भारत में फिर से स्थापित करने को लेकर प्रयास तेज कर दिये गये हैं।
चीतों को छोड़ने के बाद उनकी निगरानी एडवांस्ड रेडियो-ट्रैकिंग सिस्टम और डेडिकेटेड फील्ड टीमों का इस्तेमाल करके की जाएगी। इससे उनकी सुरक्षा और लैंडस्केप में आसानी से घुलने-मिलने में मदद मिलती है। इस मौके पर, मुख्यमंत्री 2026 के लिए कुनो नेशनल पार्क कैलेंडर भी लॉन्च करेंगे।
NTCA ने मध्य प्रदेश फ़ॉरेस्ट डिपार्टमेंट..
कुनो नेशनल पार्क में फ्री-रेंजिंग चीतों के क्लिनिकल मैनेजमेंट के लिए नई तैयार की गई फील्ड मैनुअल भी जारी करेंगे। इसके साथ पार्क की नई बनी सोविनियर शॉप का उद्घाटन करेंगे। इसका मकसद सैलानियों के अनुभव को बेहतर बनाना और कंज़र्वेशन अवेयरनेस को बढ़ावा देना है।
यह आयोजन एडिशनल प्रिंसिपल चीफ कंज़र्वेटर ऑफ़ फ़ॉरेस्ट (APCCF) और डायरेक्टर, लायन प्रोजेक्ट, मध्य प्रदेश की देखरेख में हो रहा है। चीता को बसाने का काम 2022 में फिर से शुरू हुआ। भारत में चीते बहुत ज़्यादा और लापरवाही से शिकार के कारण खत्म हो गए। प्रोजेक्ट चीता का फेज़ 1 2022 में शुरू हुआ।
इस प्रोजेक्ट के माध्यम से चीतों की आबादी को फिर से ठीक किया जा सके। मालूम हो कि चीतों को 1952 में देश में खत्म घोषित कर दिया गया था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से चीतों को कुनो नेशनल पार्क में फिर स्थापित किया गया।
NTCA ने मध्य प्रदेश फ़ॉरेस्ट डिपार्टमेंट और वाइल्डलाइफ़ इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया (WII) के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट को लागू किया। चीता को संरक्षित करने के लिए वर्ष 2010 में चीता संरक्षण कोष बनाया गया। 4 दिसंबर को ही डॉ. लॉरी मार्कर ने अनाथ चीता शावक खय्याम के जन्म दिन पर इस लुप्तप्राय प्रजाति को बचाने के लिए इसकी शुरूआत की। मालूम हो कि चीता दुनिया का सबसे तेज शिकारी है।
यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/state/encounter-in-bijapur-12-naxalites-killed-and-three-soldiers-martyred/99866