इस मौके पर दिए गए उनके भाषण का उद्देश्य शांति भंग करना, जन शांति को प्रभावित करना, सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ना और राज्य के लोकतांत्रिक ढांचे को खतरे में डालना था।
कोलकाता (पश्चिम बंगाल) । पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अध्यक्ष ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एफआईआर कोलकाता सेंट्रल डिवीजन के हरे स्ट्रीट में दर्ज की गई। शिकायतकर्ता तुषार कांति दास ने आरोप लगाया है कि छङ मार्च 2026 को, ममता ने कोलकाता में मेट्रो चैनल के सामने अक धरना दिया। इस मौके पर दिए गए उनके भाषण का उद्देश्य शांति भंग करना, जन शांति को प्रभावित करना, सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ना और राज्य के लोकतांत्रिक ढांचे को खतरे में डालना था।
पुलिस से हस्तक्षेप की मांग
पश्चिम बंगाल में पहले से ही उथल-पुथल भरे चुनावी माहौल के बाद यह रिपोर्ट दर्ज की गई है, जिसमें महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव देखने को मिले हैं। शिकायतकर्ता ने सामाजिक सद्भाव पर भाषण के प्रभाव का हवाला देते हुए चुनावी मर्यादा और संवैधानिक मानकों के उल्लंघन के मामले में पुलिस हस्तक्षेप की मांग की। कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने पुष्टि की कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हमें शिकायत प्राप्त हुई है और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार मामला दर्ज कर लिया गया है। भाषण के सभी पहलुओं और जिस संदर्भ में यह दिया गया था, उसकी गहन जांच की जा रही है।" तृणमूल कांग्रेस ने एफआईआर को "राजनीतिक रूप से प्रेरित" करार देते हुए आरोप लगाया है कि यह उनके नेतृत्व को निशाना बनाने के प्रयासों की निरंतरता है। (एएनआई)