मंडला में 108 एम्बुलेंस में 21 वर्षीय किडनी मरीज की मौत मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले की जांच जारी है।
मंडला (मध्य प्रदेश)। जिले में 21 वर्षीय किडनी मरीज अजीत बरया की 108 एम्बुलेंस में उपचार के दौरान हुई मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। कोतवाली थाना मंडला में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में 108 एम्बुलेंस सेवा की EMT मंजुला पटेल, जिला समन्वयक उमेश जंघेला तथा 108 एवं जननी एम्बुलेंस सेवा का संचालन करने वाली कंपनी जेएईएस प्रोजेक्ट इंडिया प्रा. लि., भोपाल के प्रोजेक्ट हेड को आरोपी बनाया गया है।
ऑक्सीजन खत्म होने के आरोप के बाद जांच के घेरे में आया मामला
पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी ने बताया कि 27 जुलाई को बम्हनी से जिला अस्पताल मंडला लाए जा रहे सुनहरा माल निवासी 21 वर्षीय अजीत बरया की रास्ते में मौत हो गई थी। अजीत किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित था। घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया था कि सफर के दौरान एम्बुलेंस का ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हो गया, जिसके कारण मरीज को समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो सकी और उसकी मौत हो गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच कराई। जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत विवेचना जारी है तथा जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना के बाद जिले में संचालित 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।
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