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जमानत सुनवाई में एसईएम को धमकी, एफआईआर दर्ज

सीजेपी नेताओं की जमानत कार्यवाही के दौरान एसईएम को धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज

दिल्ली पुलिस ने सीजेपी नेताओं की जमानत सुनवाई के दौरान एसईएम को धमकी देने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

 सीजेपी नेताओं की जमानत कार्यवाही के दौरान एसईएम को धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज

FIR Filed Over Threat to SEM During CJP Leaders Bail Hearing |

नई दिल्ली [भारत]: सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास की जमानत कार्यवाही के संबंध में एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) को कथित तौर पर धमकाने के आरोप में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इससे पहले शनिवार को, सीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने कहा कि अवैध गिरफ्तारी और हिरासत के बावजूद वे और उनके सहयोगी अपना प्रयास जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि दास और रांका की वापसी के बाद वे फिर से संगठित होंगे और आगे की कार्रवाई तय करेंगे। दिल्ली में एएनआई से बात करते हुए, दिपके ने उम्मीद जताई कि दोनों नेताओं को रविवार को रिहा कर दिया जाएगा और कहा कि वे कानूनी मामलों पर चर्चा करने के लिए अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर से मिलने जा रहे हैं। “सौरव और आशु के आने के बाद हम सब मिलकर रणनीति पर पुनर्विचार करेंगे और आगे की योजना बनाएंगे। पिछले कुछ दिनों में हमने जो कुछ देखा है, जिसमें अवैध गिरफ्तारियां और हिरासतें शामिल हैं, उससे साफ है कि हमें डराने की कोशिश की जा रही है। लेकिन हम न तो डरेंगे और न ही पीछे हटेंगे। यह एक लंबी लड़ाई है और हम इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। उम्मीद है कि दोनों आज रिहा हो जाएंगे। मैं इस संबंध में कुछ कानूनी मामलों पर चर्चा करने के लिए वृंदा मैम से मिलने जा रहा हूं,” दिपके ने कहा।

सशर्त जमानत पर रिहा हुए अभिजीत दिपके

दिपके को शनिवार को सशर्त जमानत मिल गई, एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने उन्हें कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित “लेहरा दो तिरंगा” रैली से पहले हिरासत में लिया था। दिपके को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन से रिहा किया गया। इससे पहले, सीजेपी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने उनकी हिरासत पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि दोनों को अपने ही देश में राष्ट्रीय ध्वज लहराने के लिए जेल में डाला जा रहा है। X पर एक पोस्ट में शिंदे ने कहा, “आशु और सौरभ की अवैध गिरफ्तारी का पांचवां दिन। तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है!”

12 अक्टूबर को जंतर-मंतर से हुई थी गिरफ्तारी

12 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने दास, रांका और अन्य को जंतर-मंतर पर कथित तौर पर अतिक्रमण करने के आरोप में गिरफ्तार किया, जिसे निर्धारित विरोध स्थल के रूप में रद्द कर दिया गया है। पार्टी सदस्य अजिंक्य शिंदे ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद दास और रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कार्यकर्ता पुलिस कार्रवाई से डरेंगे नहीं।

(एएनआई)

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