लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद वाराणसी जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है।
वाराणसी {उत्तर प्रदेश}: लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद वाराणसी जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। सोमवार देर रात अग्निशमन विभाग की टीम ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होता मिला, जिसके बाद संबंधित संचालकों के खिलाफ नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
देर रात चला निरीक्षण अभियान
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई के दौरान कबीरनगर और दुर्गाकुंड समेत कई इलाकों के कोचिंग सेंटरों की जांच की गई।
दुर्गाकुंड में मिलीं गंभीर खामियां
दुर्गाकुंड क्षेत्र में नौ कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से पांच में गंभीर कमियां पाई गईं। कई जगह अग्निशमन यंत्र तो लगे मिले, लेकिन उन्हें चलाने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी मौजूद नहीं थे।
स्मोक डिटेक्टर भी मिला बंद
एक कोचिंग सेंटर में लगा स्मोक डिटेक्टर बंद मिला, जिस पर अधिकारियों ने संचालक से जवाब मांगा है। विभाग ने इसे सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी माना है।
बाबतपुर क्षेत्र में भी कार्रवाई
उधर, पिंडरा फायर स्टेशन की टीम ने बाबतपुर क्षेत्र के कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया। यहां सात कोचिंग सेंटरों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले।
नोटिस जारी करने की तैयारी
विभाग ने ऐसे सभी संस्थानों की सूची तैयार कर ली है और जल्द ही उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सीलिंग तक की हो सकती है कार्रवाई
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि शहर और ग्रामीण क्षेत्र के कई कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आई हैं। कुछ संस्थानों ने कर्मचारियों के छुट्टी पर होने का हवाला दिया, लेकिन विभाग ने इसे संतोषजनक नहीं माना। उन्होंने कहा कि सभी कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किया जाएगा और यदि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उनके खिलाफ सीलिंग जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
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