हरचंदपुर क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों में चल रहे फर्जीवाड़े और मनमानी पर आखिरकार प्रशासन की गाज गिर ही गई।
रायबरेली {उत्तर प्रदेश}: हरचंदपुर क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों में चल रहे फर्जीवाड़े और मनमानी पर आखिरकार प्रशासन की गाज गिर ही गई। जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। इस कड़ी कार्रवाई से संबंधित महकमे में हड़कंप मच गया है।
फर्जी आय प्रमाण पत्र से हासिल की नौकरी
मामला हरचंदपुर क्षेत्र के बरगदहा केंद्र का है, जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नेहा सिंह का चयन वर्ष 2025 में हुआ था। आरोप था कि उन्होंने चयन प्रक्रिया के दौरान कम आय का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल की थी। शिकायत मिलने के बाद सदर तहसील की टीम ने मामले की गहनता से जांच की। जांच के दौरान प्रमाण पत्र गलत पाए जाने पर उसे निरस्त कर दिया गया और नेहा सिंह की सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।
अभिलेखों में ओवरराइटिंग का आरोप
दूसरी सख्त कार्रवाई हरचंदपुर द्वितीय केंद्र की कार्यकर्ता पूर्णिमा वैश्य पर हुई है। पूर्णिमा पर केंद्र संचालन में घोर लापरवाही और अभिलेखों में ओवरराइटिंग करने के गंभीर आरोप लगे थे।
स्टाफ को डराने-धमकाने का भी आरोप
पूर्णिमा वैश्य पर अधीनस्थ स्टाफ को डराने-धमकाने का भी आरोप था। मामले की जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने उनकी सेवाएं भी समाप्त कर दीं। जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि हरचंदपुर द्वितीय और बरगदहा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच कराई गई थी। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद दोनों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की धांधली या मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद संबंधित विभाग में हड़कंप की स्थिति है।
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