शहर में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। शहर के 12 बड़े अस्पतालों में भर्ती सैकड़ों मरीजों की जान खतरे में बताई जा रही है।
इंदौर। शहर में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। शहर के 12 बड़े अस्पतालों में भर्ती सैकड़ों मरीजों की जान खतरे में बताई जा रही है। इसका कारण यह है कि इन अस्पतालों में आग से बचाव के बुनियादी इंतजाम नहीं हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें सरकारी पीसी सेठी अस्पताल भी शामिल है।
आरटीआई में हुआ खुलासा
इस पूरे मामले का खुलासा एक आरटीआई (सूचना का अधिकार) के जरिए हुआ है। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन अस्पतालों में फायर सेफ्टी के जरूरी उपकरण जैसे फायर अलार्म, फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी एग्जिट और फायर ऑडिट जैसी व्यवस्थाएं या तो अधूरी हैं या पूरी तरह से अनुपस्थित हैं।
उठने लगे हैं प्रबंधन पर सवाल
गौरतलब है कि हाल ही में इंदौर में एक भीषण अग्निकांड हुआ था, जिसमें 8 लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल उठने लगे हैं। इसके बावजूद बड़े अस्पतालों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होना चिंता का विषय है।
फायर सेफ्ती होना बेहद जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर फायर सेफ्टी के कड़े इंतजाम होना बेहद जरूरी है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में मरीज, बुजुर्ग और बच्चे रहते हैं, जो आपात स्थिति में खुद को सुरक्षित नहीं कर सकते।
प्रशासन ने दिये जांच के आदेश
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित अस्पतालों को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। वहीं, नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी इस लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
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