तमिलनाडु में बड़ा सियासी उलटफेर। पूर्व एआईएडीएमके मंत्री बेंजामिन 5000 कार्यकर्ताओं के साथ डीएमके में शामिल हो गए हैं। एमके स्टालिन ने कार्यकर्ताओं से चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा है।
चेन्नई (तमिलनाडु): तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। चेन्नई के वनगरम स्थित श्री वारू मैरिज हॉल में आयोजित एक भव्य सदस्यता कार्यक्रम में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) के पूर्व मंत्री बेंजामिन अपने 5,000 से अधिक समर्थकों के साथ द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) में शामिल हो गए हैं। यह कार्यक्रम डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिसमें पार्टी के कई सांसद, विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यकर्ताओं को चुनावी मोड में आने का निर्देश
इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राज्य विधानसभा के संभावित पुन: चुनाव की ओर इशारा करते हुए कार्यकर्ताओं को अभी से कमर कसने को कहा। स्टालिन ने कहा, "चुनाव तीन महीने में हों या छह महीने बाद, जब भी घोषणा हो, हमें पूरी तरह तैयार रहना होगा। अभी से पार्टी की ऐतिहासिक जीत के लिए पूरी लगन से काम करें।" उन्होंने बेंजामिन और उनके समर्थकों के शामिल होने को एक “ऐतिहासिक क्षण” बताया।
स्टालिन ने गिनाईं उपलब्धियां, टीवीके सरकार को घेरा
एमके स्टालिन ने दावा किया कि उनके पिछले 5 वर्षों के कार्यकाल के दौरान तमिलनाडु देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा। उन्होंने 'मुख्यमंत्री नाश्ता योजना', महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, 'पुधुमई पेन योजना' और 'तमिल पुधलवन योजना' जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि लंदन ने भी तमिलनाडु की नाश्ता योजना से प्रेरित होकर अपने यहाँ इसी तरह का कार्यक्रम शुरू किया है।
पिछले कुछ महीनों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था में गिरावट आई- स्टालिन
वहीं, वर्तमान टीवीके (TVK) के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए स्टालिन ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों में राज्य विकास के पथ से भटक गया है। कानून-व्यवस्था में गिरावट आई है और महिलाओं के खिलाफ अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी, लूटपाट और बिजली कटौती जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं, जिसके कारण निवेशक अब पड़ोसी राज्यों का रुख कर रहे हैं।
बेंजामिन ने डीएमके को बताया सामाजिक न्याय का आंदोलन
डीएमके में शामिल होने के बाद पूर्व मंत्री बेंजामिन ने एमके स्टालिन के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विपक्ष में रहते हुए भी हमेशा तमिलनाडु की जनता के हक की आवाज उठाई है। उन्होंने डीएमके को आत्मसम्मान और सामाजिक न्याय पर आधारित आंदोलन बताया। कार्यक्रम के समापन पर बेंजामिन ने स्टालिन को चंपक के फूलों की माला और चांदी की एक औपचारिक तलवार भेंट करके सम्मानित किया।