राजनांदगांव (छत्तीसगढ़): जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान सूखत वजन में कमी के नाम पर किए गए बड़े फर्जीवाड़े के मामले में प्रशासन के द्वारा जांच कर तीन समितियो में अब तक गड़बड़ी सामने आ चुकी हैं, जिसमें लगभग 1 करोड़ 45 लाख रुपए के धान की गड़बड़ी उजागर हुई हैं। पूरे मामले में दो समितियों के ऊपर एफआईआर कराने की कार्रवाई भी की गई हैं। सूखत के नाम पर समितियों के द्वारा धान की गड़बड़ी की गई थी।
तीन समितियों में पाई गई अनियमितता
राजनांदगांव जिले में 96 धान खरीदी केन्द्रों के माध्यम से समर्थन मूल्य में धान खरीदी की गई थी, जिनमें से तीन समितियों में अनियमितता पाई गई थी। दो के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज किया गया था, इन समितियों में 1 करोड़ 45 लख रुपए के धान की गड़बड़ी उजागर हुई थी। जिसके बाद प्रशासन के द्वारा कार्रवाई की गई थी।
दो समितियों पर एफआईआर दर्ज
वहीं इस संबंध में जिला खाद्य अधिकारी रविंद्र सोनी ने बताया, कि जिले में 96 समिति है, जिसमें से 17 में पूर्ण रूप से उठाव हो चुका है। लगभग 80 समिति में उठाव थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बाकी हैं, इसलिए इसमें विलंब हो रहा हैं। इसके साथ ही कुछ समितियों में शिकायत प्राप्त हुआ था, जिसमें जांच के दौरान तीन समितियों में अनियमितता पाई गई थी। उसमें से दो समितियों में एफआईआर भी दर्ज कराया गया हैं।
भविष्य में भी शिकायत पर होगी कार्रवाई
जिला खाद्य अधिकारी सोनी ने बताया, कि यदि भविष्य में भी ऐसी कोई शिकायत प्राप्त होगी, तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। तीन समितियों में कुहीकला, बगारेकसा और मोहारा समिति शामिल हैं। इन समितियों में लगभग 4700 क्विंटल की गड़बड़ी पाई गई थी, इसमें दो के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया हैं। 4700 क्विंटल धान की किमत लगभग 1 करोड़ 45 लाख रुपए होती हैं।
यह भी पढ़ेंः मैहर में खून से लाल हुई जमीन, पुराने विवाद में 14 घायल, अस्पताल में बेड तक नहीं मिले