एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में सीबीआई जांच शुरू हो चुकी है और पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।
पंजाब। परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच बुधवार को उस समय और तेज हो गई जब फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीमें घटना स्थल से साक्ष्य और नमूने इकट्ठा करने के लिए पहुंचीं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मानसा के ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार और पुलिस उप अधीक्षक (DSP) हरजिंदर सिंह गिल को निलंबित किए जाने के बाद इस जांच ने एक निर्णायक प्रशासनिक मोड़ ले लिया।
मानसा के ड्रग इंस्पेक्टर और डीएसपी सेवा से निलंबित
परविंदर झोटा हत्याकांड के बाद मानसा के ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार और डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल को सेवा से निलंबित कर दिया गया है। यह अनुशासनात्मक कार्रवाई पीड़ित परिवार के उन आरोपों के बाद की गई है, जिनमें उन्होंने आरोप लगाया था कि ये अधिकारी 13 अक्टूबर, 2026 को पंजाब के मानसा जिले में हुई हत्या के मामले में आरोपी अश्लील/अश्वनी कुमार के साथ मिले हुए थे। यह भी आरोप लगाया गया था कि घटना के दिन परविंदर झोटा ने डीएसपी को फोन किया था, लेकिन इसके बावजूद वे मौके पर नहीं पहुंचे। परिणामस्वरूप, उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी, जिसके चलते यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
झोटा की हत्या की CBI जांच की मांग
यह घटनाक्रम मानसा में झोटा के परिवार द्वारा उनकी हत्या को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सामने आया है। परिवार ने उनकी हत्या की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है, और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी 20 अक्टूबर को उनसे मुलाकात की थी। इस बीच, सीबीआई की एक टीम देर रात मानसा पहुंची और परिवार के बयानों के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की। दूसरी ओर, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष परगट सिंह ने पंजाब के दौरे को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर पलटवार करते हुए भाजपा पर पिछले 13 वर्षों से वादे करने और उन्हें पूरा न करने का आरोप लगाया।
13 अक्टूबर, 2026 को हुई थी झोटा की हत्या
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पंजाब के हितों के खिलाफ काम कर रही है और गुजरात में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को नियंत्रित करने के उसके रिकॉर्ड पर सवाल उठाया। सीबीआई ने एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है, जिसमें 13 अक्टूबर, 2026 को मानसा जिले में हुई हत्या के सिलसिले में अश्वनी कुमार और अन्य अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट झोटा (45) की फेसबुक पर लाइव-स्ट्रीमिंग के दौरान एक केमिस्ट की दुकान के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुख्य आरोपी, मेडिकल स्टोर मालिक अश्वनी कुमार को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था।
(इनपुट: ANI)
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