मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में एक कथित ठग गिरोह ने एक ही लड़की का रिश्ता 13 युवकों से तय कर सगाई और फलदान के नाम पर नकदी व जेवर लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में जुटी है।
नरसिंहपुर (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने अपने बच्चों का विवाह करने वाले परिवारों के कान खड़े कर दिए हैं। यह मामला एक ठग गिरोह से संबंधित है। जिन्होंने एक ही लड़की को 13 युवकों के परिजनों से शादी के लिए मिलवाया और उनसे सगाई और फलदान के नाम पर एक मोटी रकम ले ली साथ ही जेवरात भी लेकर फरार हो गए।
13 परिवारों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर सुनाई ठगी की आपबीती
जानकारी के अनुसार कुछ लोगों के द्वारा एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है कि वह जिले के अलग-अलग गांव के निवासी है और एक लुटेरी दुल्हन और ठग गिरोह के जाल में फंसकर अपनी जमा पूंजी गंवा बैठे हैं। कथित रूप से कटनी जिले के विजयराघवगढ़ की एक ही लड़की को दिखाकर नरसिंहपुर जिले के करीब 13 युवकों के साथ शादी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी हो गई।
बिचौलियों ने सगाई और फलदान के नाम पर ऐंठे लाखों रुपये और जेवर
पीड़ितों के मुताबिक, दो बिचौलियों ने इस पूरे फर्जीवाड़े की पटकथा लिखी। उन्होंने अलग-अलग गाँव के युवकों से संपर्क साधा और विजयराघवगढ़ की एक लड़की दिखाकर उनका रिश्ता तय कराया और झांसे में लेकर सभी से सगाई और फलदान (तिलक) के नाम पर मोटी रकम और जेवरात ऐंठ लिए गए। सभी युवकों ने परिजनों के साथ SP कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत की है।
किसी से 60 हजार तो किसी से 50 हजार, सभी युवकों को बनाया शिकार
ठगी के शिकार हुए युवक ने बताया कि उससे सगाई व फलदान के एवज में 60 हजार रुपये नकद और सोने का मंगलसूत्र लिया गया। लड़की को पहरिया गांव में दिखाया गया था। इसी तरह धमना निवासी युवक से 50 हजार रुपये और मुड़िया निवासी युवक से 50 हजार रुपये ठगे गए। अन्य युवकों से भी इसी तरह पैसे व जेवर ऐंठ लिए गए। पीड़ित युवाओं ने पुलिस को बताया है कि उनके द्वारा सगाई व फलदान के दौरान लिए गए जो पुलिस को उपलब्ध कराए।
फोन बंद कर फरार हुए बिचौलिए, शादी तय करने पहुंचे तो खुला ठगी का राज
वही सगाई व फलदान कार्यक्रम संपन्न होने और रुपये ऐंठने के बाद बिचौलियों ने अपने फोन बंद कर लिए। जब पीड़ित परिवार शादी की तारीख तय करने और बातचीत आगे बढ़ाने के लिए बिजयराघवगढ़ पहुंचे, तो वहां न तो बिचौलिए मिले और न ही वह लड़की। खोजबीन के बाद जब कोई पता नहीं चला, तब जाकर पीड़ितों को अहसास हुआ कि वे एक बड़े ठगी गिरोह का शिकार बन चुके हैं।
शिकायत मिलते ही जांच में जुटी पुलिस, कई थानों को सौंपी जिम्मेदारी
वही इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले को जांच में ले लिया गया है। तेंदूखेड़ा सहित अन्य थानों को इसकी विस्तृत जांच सौंपी गई है। जल्द जांच की कार्रवाई होगी।
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