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काशी में फिर बढ़ेगा गंगा का जलस्तर

काशी में फिर रौद्र रूप दिखाएगी गंगा, 71.28 मीटर तक बढ़ सकता है जलस्तर

गंगा के जलस्तर में कमी के बाद राहत की सांस ले रहे काशीवासियों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं।

काशी में फिर रौद्र रूप दिखाएगी गंगा 7128 मीटर तक बढ़ सकता है जलस्तर

Ganga to Rise Again in Varanasi, Water Level May Reach 71.28m |

वाराणसी {उत्तर प्रदेश}: गंगा के जलस्तर में कमी के बाद राहत की सांस ले रहे काशीवासियों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। केंद्रीय जल आयोग ने वाराणसी में अगले सात दिनों के दौरान गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी का पूर्वानुमान जारी किया है। आयोग के मुताबिक, बुधवार से जलस्तर फिर बढ़ना शुरू हो सकता है और इसके खतरे के निशान को पार करने की आशंका है। ऐसे में पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में एक बार फिर संकट गहरा सकता है।

फिलहाल घट रहा गंगा का जलस्तर

केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह आठ बजे तक वाराणसी में गंगा का जलस्तर करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा था। उस समय जलस्तर 69.32 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि, आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले सात दिनों में इसमें करीब 1.76 मीटर की बढ़ोतरी हो सकती है।

71.28 मीटर तक पहुंच सकता है पानी

यदि अनुमान के मुताबिक जलस्तर बढ़ता है तो गंगा का पानी 71.28 मीटर तक पहुंच सकता है। यह वाराणसी में निर्धारित खतरे के निशान 71.262 मीटर से थोड़ा ऊपर होगा। वहीं, चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर है। आयोग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 12 सितंबर तक गंगा का जलस्तर करीब 71 मीटर तक पहुंच सकता है। इसके बाद भी जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि, अनुमानित अधिकतम जलस्तर वाराणसी में दर्ज किए गए अब तक के उच्चतम स्तर 73.901 मीटर से काफी नीचे रहेगा।

वरुणा के तटवर्ती इलाकों में भी हालात सामान्य नहीं

गंगा के साथ वरुणा नदी के तटवर्ती इलाकों में भी बाढ़ की स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। पुराना पुल, नक्खी घाट, सलारपुर समेत कई इलाकों में अब भी पानी भरा हुआ है। सैकड़ों मकान बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि दर्जनों परिवार घर छोड़कर राहत शिविरों में रह रहे हैं। कई परिवारों ने घर की छतों पर शरण ले रखी है। बीते कुछ दिनों में गंगा का जलस्तर घटने से प्रभावित इलाकों के लोगों ने राहत की उम्मीद जताई थी, लेकिन केंद्रीय जल आयोग के नए पूर्वानुमान ने चिंता बढ़ा दी है। जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी होने पर वरुणा और गंगा के तटवर्ती इलाकों में जलभराव की स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।

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