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बढ़ते जलस्तर से अलर्ट प्रशासन

बाराबंकी में घाघरा नदी उफान पर, एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर खतरे के निशान के करीब

बाराबंकी के घाघरा घाट क्षेत्र में नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रशासन सतर्क हो गया है और तटवर्ती गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

बाराबंकी में घाघरा नदी उफान पर एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर खतरे के निशान के करीब

Ghaghra River Water Level Rises in Barabanki, Administration on High Alert Near Elgin Bridge |

बाराबंकी (उत्तर प्रदेश)। रामनगर के घाघरा घाट स्थित एल्गिन ब्रिज (संजय सेतु) के पास सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले दो दिनों से नदी में जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिसका मुख्य कारण नेपाल स्थित शारदा और गिरजा बैराज से लगातार लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जाना बताया जा रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और केंद्रीय जल आयोग लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

जलस्तर आऊ बढ़ने की आशंका

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार सुबह 10:00 बजे एल्गिन ब्रिज गेज स्टेशन पर घाघरा नदी का जलस्तर 105.930 मीटर दर्ज किया गया। यह जलस्तर खतरे के लाल निशान से 14 सेंटीमीटर नीचे है। हालांकि नदी अभी चेतावनी (वार्निंग) स्तर पर बह रही है, लेकिन जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से तटवर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। केंद्रीय जल आयोग में तैनात कर्मचारी पवन कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यदि बैराजों से इसी प्रकार पानी छोड़ा जाता रहा और जलग्रहण क्षेत्रों में वर्षा होती रही तो अगले कुछ घंटों में जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। आयोग द्वारा प्रत्येक घंटे नदी के जलस्तर की निगरानी की जा रही है।

शारदा और गिरजा बैराज से रोज छोड़ा जा रहा पानी

स्थानीय लोगों का कहना है, कि शारदा और गिरजा बैराज से प्रतिदिन छोड़े जा रहे पानी का सीधा असर घाघरा नदी पर दिखाई दे रहा है। नदी किनारे बसे तराई क्षेत्र के गांवों में लोगों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। किसान अपने खेतों पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि पशुपालक भी मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। तहसील प्रशासन ने तटवर्ती गांवों में निगरानी बढ़ा दी है। राजस्व विभाग की टीमें लगातार जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं, बच्चों को नदी के पास न जाने दें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को दें। बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। 

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