जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों की करें शिकायत करने पर सरकार देगी ₹1000 का इनाम।
Government Urges Public to Report Fertilizer Hoarding and Black Marketing, Offers ₹1000 Reward |
उमरिया (मध्यप्रदेश)। किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए एक नई पहल शुरू की है। अब खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, नकली या मिलावटी खाद की बिक्री तथा यूरिया के अवैध औद्योगिक उपयोग की सूचना देने वाले नागरिकों को एक हजार रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा। जिले में इस योजना के लागू होने के बाद कृषि विभाग ने लोगों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
खरीफ सीजन के दौरान खाद की मांग बढ़ी
उप संचालक कृषि ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में खरीफ सीजन के दौरान खाद की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में कुछ असामाजिक तत्व किसानों की जरूरत का फायदा उठाकर खाद की जमाखोरी, अधिक कीमत पर बिक्री और नकली खाद का कारोबार करने का प्रयास करते हैं। इन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शासन ने "सूचना दाता प्रोत्साहन योजना" लागू की है।
सूचना देने वाले को मिलेगी एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि
योजना के तहत यदि कोई व्यक्ति खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, नकली या मिलावटी उर्वरक की बिक्री अथवा यूरिया के गैरकानूनी औद्योगिक उपयोग की सूचना देता है और जांच में शिकायत सही पाई जाती है, तो सूचना देने वाले को एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे उसके बैंक खाते में प्रदान की जाएगी।
शासन द्वारा हेल्पलाइन नंबर 155253 जारी
कृषि विभाग के अनुसार इस योजना का लाभ केवल किसानों तक सीमित नहीं है। राज्य और जिले का कोई भी नागरिक, किसान, व्यापारी या अन्य व्यक्ति संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सकता है। शिकायत दर्ज कराने के लिए शासन द्वारा हेल्पलाइन नंबर 155253 जारी किया गया है, जिस पर फोन कर सूचना दी जा सकती है।
सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान रहेगी गुप्त
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, जिससे लोग बिना किसी डर या दबाव के गलत गतिविधियों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सकें। अधिकारियों का मानना है कि आम लोगों की सहभागिता से खाद की कालाबाजारी और नकली उर्वरकों के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
कृषि विभाग ने किसानों से की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खाद खरीदते समय पक्की रसीद अवश्य लें, अधिक कीमत वसूले जाने या संदिग्ध गुणवत्ता की खाद मिलने पर तत्काल शिकायत करें। विभाग का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा और कृषि व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए यह योजना महत्वपूर्ण साबित होगी।
30 सितंबर तक संचालित होगा अभियान
गौरतलब है कि यह विशेष अभियान 30 सितंबर तक संचालित किया जाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि योजना के माध्यम से जिले में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।
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