उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा आवंटित भूखंडों के लंबे समय से खाली पड़े रहने को लेकर गंभीर नाराजगी व्यक्त की है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा आवंटित भूखंडों के लंबे समय से खाली पड़े रहने को लेकर गंभीर नाराजगी व्यक्त की है। मुख्य सचिव ने ऐसे भूखंडों पर जल्द औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए उचित कार्रवाई के विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए।
समय सीमा में उद्योग लगाने के सख्त निर्देश
सीएस एसपी गोयल ने राज्य स्तरीय उद्योग बंधु समिति की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन उद्यमियों को औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए हैं, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी इकाइयों की स्थापना करें। उन्होंने कहा कि भूमि आवंटन का उद्देश्य केवल जमीन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उस पर शीघ्र उत्पादन शुरू करना है, जिससे राज्य में निवेश और रोजगार दोनों को गति मिले।
खाली पड़े भूखंडों पर जताई चिंता
मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में लोक भवन में आयोजित बैठक में उन औद्योगिक भूखंडों पर चिंता जताई गई जो आवंटित होने के बावजूद वर्षों से खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा सहित पूरे प्रदेश में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। उन्होंने समय पर उद्योग न लगाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
शुल्क जमा न करने वालों पर भी सख्ती
मुख्य सचिव ने कहा कि कई आवंटियों ने न तो उद्योग स्थापित किए हैं और न ही औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को पूरा शुल्क जमा किया है। ऐसे मामले निरस्त होने के कगार पर हैं। उन्होंने उद्योग संगठनों से अपील की कि वे ऐसे मामलों की निगरानी करें और भूमि के सही उपयोग को सुनिश्चित करने में सहयोग दें।
सुधार और नियमन पर भी हुई समीक्षा
बैठक में भारत सरकार की ‘विनियमन चरण-1’ पहल के तहत सात विभागों और 23 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में अनुपालन सरलीकरण सुधारों की प्रगति की समीक्षा की गई। इन्वेस्ट यूपी की ओर से राज्य और जिला स्तर पर बीआरएपी, डीबीआरएपी तथा विनियमन चरण-2 के रोडमैप से जुड़ी जानकारी भी प्रस्तुत की गई। इसके अलावा जल आवंटन, भूमि मानचित्रण में अतिक्रमण, मास्टर प्लान की विसंगतियों और पीएसपी परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
यूपी ने डीरेग्युलेशन में हासिल किया पहला स्थान
बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश ने डीरेग्युलेशन फेज-1 (जनवरी 2026) में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी ने पीएसपी परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों, विशेषकर सोन नदी से जल आवंटन और मास्टर प्लान व मानचित्रों में विसंगतियों पर चर्चा की। बैठक में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी निवेशक सुविधा उपायों को बेहतर बनाने के सुझाव दिए।
वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योग संगठनों की मौजूदगी
बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा एसोचैम, फिक्की, सीआईआई, क्रेडाई, नैसकॉम समेत कई उद्योग संगठनों और बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
यह भी पढ़े: बहराइच में कपड़े पहनते युवक को सांप ने काटा
https://www.primenewsnetwork.in/state/youth-bitten-by-snake-in-bahraich/206091