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जैश मॉड्यूल पर गुजरात एटीएस का एक्शन

गुजरात एटीएस की बड़ी कार्रवाई: जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 8 आरोपी गिरफ्तार, 14 दिन की पुलिस हिरासत

गुजरात एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गुजरात एटीएस की बड़ी कार्रवाई जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 8 आरोपी गिरफ्तार 14 दिन की पुलिस हिरासत

Gujarat ATS Arrests 8 JeM-Linked Suspects, Sent to 14-Day Police Custody |

अहमदाबाद,(गुजरात)। गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित रूप से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी को गुजरात और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से हिरासत में लिया गया है और अदालत ने उन्हें 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। एटीएस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर संगठन के लिए गुजरात में एक सक्रिय नेटवर्क तैयार करने और उसकी विचारधारा का प्रसार करने का आरोप है। इनके खिलाफ यूएपीए (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

विशेष टीम गठित कर जांच की शुरू

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अहमद अब्दुल गाजीवाला, इब्राहिम मोहम्मद हुसैन घाघा, मुदस्सिर अब्दुल्ला गाजीवाला, जकारिया दुर्रानी, मुफ्ती फौजान इस्माइल दौवा, मोहम्मद अमीन शेरा, मोहम्मद अब्दुल रहमान सऊदी और बिलाल मोहम्मद अमर घाघा के रूप में हुई है। गुजरात एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि प्रारंभिक सूचना डिप्टी एसपी हर्ष उपाध्याय को मिली थी, जिसमें बनासकांठा–पाटन क्षेत्र में कुछ व्यक्तियों के पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद से संपर्क होने की बात कही गई थी। इसके बाद एक विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई, जिसमें आरोपों की पुष्टि होने पर कार्रवाई की गई।

जांच के दौरान आरोपियों के विरूद्ध सबूत

डीआईजी के अनुसार, एसओजी और स्थानीय पुलिस इकाइयां  बनासकांठा, नवसारी और पाटन की संयुक्त टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया, कि जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से ऐसे डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनसे जैश-ए-मोहम्मद से उनके कथित संबंधों की पुष्टि होती है। एटीएस के अनुसार, कुछ आरोपियों ने संगठन के प्रति निष्ठा जताने वाले पत्र भी लिखे थे और प्रतिबंधित साहित्य का स्थानीय भाषा में अनुवाद कर प्रसार का प्रयास किया जा रहा था।

मामले की आगे की जांच जारी

एटीएस का यह भी दावा है, कि आरोपियों को कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित नेटवर्क से वित्तीय सहायता मिली थी और उन्हें वाहन खरीदने तथा सुरक्षित ठिकाना तैयार करने जैसे निर्देश दिए गए थे। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है, कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से किसी प्रकार के हथियार बरामद नहीं हुए हैं और मामले की आगे की जांच जारी है। (एएनआई)

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