गुजरात के चार सहकारी बैंकों के विलय को भारतीय रिजर्व बैंक ने अंतिम मंजूरी दे दी। विलय के बाद इन चार बैंकों को मिलाकर कुल दो बैंकों का निर्माण होगा।
गुजरात के चार कोआपरेटिव बैंकों का विलय
रिजर्व बैंक की मंजूरी के बाद अब दो बड़े बैंक देंगे सेवाएं
नई दिल्ली।
गुजरात के चार सहकारी बैंकों के विलय को भारतीय रिजर्व बैंक ने अंतिम मंजूरी दे दी। विलय के बाद इन चार बैंकों को मिलाकर कुल दो बैंकों का निर्माण होगा। RBI ने इस विलय को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है।
रिजर्व बैंक (RBI) ने गुजरात के 4 सहकारी बैंकों का विलय बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के प्रावधानों के तहत किया गया है। इसका मकसद गुजरात के सहकारी बैंकिंग सेक्टर को नई दिशा और मजबूती देना है। भारतीय रिजर्व बैंक के ऑफिशियल स्टेटमेंट के मुताबिक, यह मर्जर संबंधित बैंकों की आपसी सहमति यानी स्वैच्छिक आधार पर किया गया है। इस बदलाव से सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में नई ताकत आएगी और ग्राहकों को एकीकृत सेवाएं मिलेंगी। लाखों खाताधारकों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके पैसे और लोन बिल्कुल सुरक्षित रहेंगे। RBI ने ग्राहकों की चिंताओं का शंका समाधान करते हुए साफ किया है कि इस मर्जर का बैंकों के मौजूदा ग्राहकों पर कोई नकारात्मक असर नहीं होगा। उनके लिए बैंकिंग सेवाएं पहले की तरह ही सुचारू रूप से जारी रहेंगी। ग्राहकों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं। सभी जमा राशियां, फिक्स्ड डिपॉजिट और लोन खाते नए बैंक में ट्रांसफर हो चुके हैं। ब्याज दरें, EMI और अन्य शर्तें पहले जैसी ही लागू रहेंगी। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन या चेकबुक में कोई बदलाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, कुछ दिनों में पासबुक या स्टेटमेंट पर नया बैंक का नाम दिखेगा। यह विलय 15 दिसंबर 2025 से पूरी तरह प्रभावी हो गया है।
मर्जर के बाद बचेंगे दो बैंक
गुजरात के 4 बैंकों के मर्जर के बाद 2 बैंक रह जाएंगे। इस विलय की मंजूरी अलग- अलग नोटिफिकेशन के जरिए दी गई है। RBI ने अलग आदेश में अहमदाबाद स्थित अमरनाथ कोऑपरेटिव बैंक (Amarnath Co-operative Bank) लिमिटेड के द कलुपुर कमर्शियल कोऑपरेटिव बैंक (Kalupur Commercial Co-operative Bank) लिमिटेड अहमदाबाद में स्वैच्छिक विलय को भी मंजूरी दी है। यह मंजूरी भी बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के उन्हीं प्रावधानों के तहत दी गई है। इस योजना के तहत भी विलय 15 दिसंबर 2025 से प्रभावी होगा। दूसरे विलय के लागू होने के बाद अमरनाथ कोऑपरेटिव बैंक की सभी शाखाएं द कलुपुर कमर्शियल कोऑपरेटिव बैंक की शाखाओं के रूप में काम करेंगी। दोनों ही विलयों को नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है और इन्हें एक ही तारीख से लागू किया जाएगा।
RBI की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, यह दोनों विलय स्वैच्छिक हैं और संबंधित बैंकों की सहमति से किए जा रहे हैं। इन फैसलों के साथ गुजरात के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में संरचनात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। 15 दिसंबर 2025 से इन बैंकों की सभी शाखाएं नई व्यवस्था के तहत काम करना शुरू कर देंगी।
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