हरिद्वार कुंभ मेला-2027 से पहले चार बड़े पुलों का निर्माण तेजी से जारी है। IIT रुड़की के विशेषज्ञों ने स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच की।
हरिद्वार (उत्तराखंड)। कुंभ मेला-2027 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुगम आवाजाही और हरिद्वार में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चार बड़े स्थायी पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। आगामी कुंभ मेले से पहले इन पुलों को आवागमन के लिए तैयार करने के उद्देश्य से निर्माण कार्य पूरी तेजी के साथ दिन-रात जारी हैं। निर्धारित समयसीमा में निर्माण पूरा कराने के साथ ही पुलों की मजबूती, सुरक्षा और गुणवत्ता के उच्च मानक सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए मेला प्रशासन ने निर्माण कार्यों की बहुस्तरीय गुणवत्ता निगरानी की व्यवस्था की है। सभी निर्माण कार्यों की नियमित जांच के लिए थर्ड पार्टी एजेंसी नियुक्त करने के साथ ही मेलाधिकारी सोनिका की पहल पर चारों बड़े पुलों का तकनीकी परीक्षण आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से भी कराया जा रहा है।
IIT रुड़की की टीम ने किया पुलों का तकनीकी निरीक्षण
इसी क्रम में आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर डॉ. संजय के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने कुंभ क्षेत्र में निर्माणाधीन चारों पुलों का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने विभिन्न निर्माण स्थलों पर पहुंचकर कार्यों की प्रगति, निर्माण में अपनाई जा रही तकनीक और गुणवत्ता से जुड़े तकनीकी पहलुओं का बारीकी से परीक्षण किया। साथ ही निर्माण कार्यों में निर्धारित तकनीकी मानकों एवं सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के अनुपालन का भी जायजा लिया।
विशेषज्ञों की टीम ने सबसे पहले खड़खड़ी मार्ग पर सुखी नदी पर निर्माणाधीन डबल लेन पुल का निरीक्षण किया। इसके बाद मायापुर एस्केप चैनल पर दक्षद्वीप और बैरागी कैंप को जोड़ने के लिए पूर्व निर्मित पुल के डाउनस्ट्रीम में बनाए जा रहे 60 मीटर स्पान के बो-स्ट्रिंग स्टील गर्डर डबल लेन पुल के निर्माण कार्यों की जांच की।
पथरी रौ नदी पर बन रहे दो बड़े पुलों की जांच
इसके उपरांत टीम ने ज्वालापुर से ईदगाह, सुभाषनगर पीएसी होते हुए शिवालिक नगर जाने वाले मोटर मार्ग पर पथरी रौ नदी पर निर्माणाधीन 60 मीटर स्पान के प्री-स्ट्रेस्ड आरसीसी पुल का निरीक्षण किया। साथ ही धनौरी-सिडकुल लिंक रोड पर पथरी रौ नदी के पुराने गंगनहर साइफन के डाउनस्ट्रीम में बनाए जा रहे 90 मीटर स्पान के कम्पोजिट स्टील गर्डर डबल लेन पुल के निर्माण कार्यों का भी तकनीकी परीक्षण किया।
कुंभ मेला-2027 के दौरान ये चारों पुल हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क को मजबूत बनाने और यातायात के सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इनके निर्माण से कुंभ क्षेत्र में आवागमन के लिए अतिरिक्त स्थायी मार्ग उपलब्ध होंगे। इससे श्रद्धालुओं को आवाजाही में सुविधा मिलने के साथ ही मेला अवधि में यातायात के दबाव को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
कुंभ में यातायात सुगम बनाने में अहम होंगे चारों पुल
मेला प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी पुल निर्धारित समयसीमा में तैयार हों और निर्माण के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए कार्यदायी संस्थाओं के कार्यों की नियमित निगरानी, विभागीय तकनीकी परीक्षण और थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच के साथ आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों का सहयोग लिया जा रहा है। विशेषज्ञों के परीक्षण से निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों के अनुपालन का आकलन करने और गुणवत्ता संबंधी पहलुओं पर आवश्यक तकनीकी सुझाव प्राप्त करने में मदद मिलेगी। मेला प्रशासन का विशेष जोर है कि कुंभ के लिए तैयार किए जा रहे ये स्थायी आधारभूत ढांचे मेले के बाद भी हरिद्वार की यातायात एवं संपर्क व्यवस्था को मजबूती प्रदान करें।
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