तकनीकी समिति ने नंदनकानन चिड़ियाघर के प्रजनन केंद्र का निरीक्षण कर पांच युवा ओरंगुटानों के स्वास्थ्य और स्थिति का आकलन किया।
भुवनेश्वर (ओडिशा) [भारत]: ओडिशा के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) द्वारा गठित एक तकनीकी समिति ने मंगलवार को नंदनकानन चिड़ियाघर में स्थित प्रजनन केंद्र का निरीक्षण किया, ताकि वहां रखे गए पांच युवा ओरंगुटानों के स्वास्थ्य और स्थिति का आकलन किया जा सके।
मैसूर चिड़ियाघर और ओयूएटी के विशेषज्ञ शामिल
विशेषज्ञ पैनल में मैसूर चिड़ियाघर के डॉ. शशिधर और डॉ. मदन तथा ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (ओयूएटी) के वन्यजीव स्वास्थ्य केंद्र (सीडब्ल्यूएच) के वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. आदित्य आचार्य शामिल हैं। यह निरीक्षण नंदनकानन चिड़ियाघर के निदेशक, उप निदेशक प्रदीप मिरासे और वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी की उपस्थिति में किया गया।
जैव सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत की गई जांच
मिरासे के अनुसार, समिति के सदस्यों ने जैव सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए संगरोध बाड़े में प्रवेश किया और सभी पांच ओरंगुटानों की शारीरिक जांच की। पैनल अपने आकलन को अंतिम रूप देने से पहले आगे की चर्चा और अवलोकन करेगा। इसकी रिपोर्ट और सिफारिशें बाद में अधिकारियों को सौंपी जाएंगी।
बालासोर के तटीय वन क्षेत्र से बचाए गए थे ओरंगुटान
ओडिशा के बालासोर जिले के तटीय वन क्षेत्र से बचाए गए पांच युवा ओरंगुटानों को नंदनकानन चिड़ियाघर में लाया गया है। उन्हें क्वारंटाइन में रखा गया है और 24 घंटे वीडियो निगरानी में रखा गया है। पशु चिकित्सकों और देखभालकर्ताओं द्वारा उनकी चिकित्सा निगरानी और विशेष पोषण संबंधी देखभाल की जा रही है।
(एएनआई)
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