देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी चरम पर है। तपती धूप और बढ़ता तापमान सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
भोपाल (मध्य प्रदेश)। देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी चरम पर है। तपती धूप और बढ़ता तापमान सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उच्च तापमान के कारण मानव शरीर का प्राकृतिक रूप से शरीर को ठंडा रखने की प्रणाली कमजोर पड़ने लगता है। ऐसे में शरीर अपना कोर तापमान नियंत्रित नहीं कर पाता है, जिससे कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्या का खतरा बढ़ जाता है।
पुरानी बीमारी वाले मरीजों को अधिक खतरा
जिन लोगों को पहले से ही कोई क्रॉनिक बीमारी तथा हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, दिल की बीमारी, किडनी की समस्या या सांस की बीमारी है, उनके लिए नौतपा के ये 9 दिन बेहद चुनौतीपूर्ण और खतरनाक हैं। ऐसी स्थिति में शरीर का थर्मल रेगुलेशन सिस्टम सही से काम नहीं करता, जिससे गर्मी से थकावट या लू लगने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।
ये हैं खतरे के संकेत, यदि भीषण गर्मी में ये संकेत दिखे तो नजरअंदाज न करें
अत्यधिक पसीना आना या अचानक पसीना आना बिल्कुल बंद हो जाना या त्वचा का गर्म और सूखा होना। तेज चक्कर आना या अचानक आंखों के सामने अंधेरा छा जाना। सिर में लगातार और असहज करने वाला तेज दर्द होना। जी मिचलाना (Nausea) या उल्टी होना। दिल की धड़कन (Pulse Rate) का अचानक बहुत तेज या अनियंत्रित हो जाना। सांस लेने में तकलीफ होना या छोटी-छोटी सांसें आना। मांसपेशियों में तेज ऐंठन (Muscle Cramps) या शरीर में अत्यधिक कमजोरी महसूस होना। अचानक ब्लड प्रेशर (BP) या शुगर लेवल का अनियंत्रित होना। पेशाब (Urine) का रंग गहरा पीला होना या पेशाब की मात्रा का बहुत कम हो जाना गंभीर डीहाइड्रेशन का संकेत है। दिमागी भ्रम (Confusion), चिड़चिड़ापन, बोलने में लड़खड़ाहट या सुस्ती छाना। शरीर का तापमान अचानक 103°F या 104°F से ऊपर पहुंच जाना।
क्या करें, यह अहम
अगर इनमें से कोई भी लक्षण गंभीर रूप में दिखाई दे तो तुरंत किसी ठंडी या छायादार जगह पर जाएं। शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें और बिना समय गंवाए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या नजदीकी अस्पताल ले जाएं। नौतपा की इस भीषण गर्मी में थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। नौतपा के 9 दिनों में तापमान 45°C तक पहुंच सकता है, इससे डिहाइड्रेशन, चक्कर, थकान और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
सुबह ये फल व ड्रिंक्स फायदेमंद
सुबह खाने के लिए उपयोगी फल–तरबूज, खरबूजा, खीरा, नारियल पानी, संतरा/मौसंबी, पपीता,अंगूर, आम (सीमित मात्रा में) खाया जा सकता है। नींबू पानी, छाछ, आम पन्ना, बेल का शरबत, सत्तू ड्रिंक, नारियल पानी, जलजीरा, गन्ने का रस, ठंडाई आदी भी पी सकते हैं।
लू से बचने के उपाय
दोपहर 12 से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें। हल्के और सूती कपड़े पहनें। लगातार पानी पीते रहें। खाली पेट बाहर न निकलें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। बता दें कि 'नौतपा' गर्मी के सबसे तेज 9 दिनों को कहा जाता है। यह तब शुरू होता है जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है। भारतीय पंचांग के अनुसार इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे और अधिक तीव्र पड़ती हैं, इसलिए तापमान बहुत बढ़ जाता है। आमतौर पर नौतपा मई के अंतिम सप्ताह से जून के शुरुआती दिनों तक रहता है। इस समय कई इलाकों में तापमान 45°C या उससे अधिक पहुंच जाता है और लू चलने लगती है।
हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण
शरीर बहुत गर्म लगना, तेज बुखार जैसा महसूस होना, अत्यधिक पसीना या अचानक पसीना बंद होना, चक्कर आना, सांस तेज चलना, बेहोशी जैसी स्थिति आना हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण हैं। ऐसे में व्यक्ति को छांव या ठंडी जगह पर ले जाएं। ORS, नींबू पानी या ठंडा पानी दें। शरीर पर ठंडे पानी की पट्टी रखें। हालत गंभीर हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
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