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PSRLM भर्ती मामले में हाईकोर्ट सख्त

PSRLM भर्ती पर हाईकोर्ट सख्त, स्वतंत्र जांच के आदेश, रिकॉर्ड न्यायिक हिरासत में

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (पीएसआरएलएम) की भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं।

psrlm भर्ती पर हाईकोर्ट सख्त स्वतंत्र जांच के आदेश रिकॉर्ड न्यायिक हिरासत में

High Court Orders Probe into PSRLM Recruitment |

चंडीगढ़ (पंजाब) [भारत]: पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (पीएसआरएलएम) की भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने चयन प्रक्रिया में प्रथम दृष्टया अनियमितताएं पाए जाने के बाद मूल भर्ती अभिलेखों को न्यायिक हिरासत में लेने का निर्देश दिया है। ये निर्देश भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिए गए।

याचिकाकर्ताओं ने लगाए कई गंभीर आरोप

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया 100 अंकों की थी, जिसमें लिखित परीक्षा के 70 अंक और साक्षात्कार, शैक्षणिक योग्यता तथा अनुभव के 30 अंक निर्धारित थे। इसके बावजूद अधिकारियों ने शीर्षवार अंक सार्वजनिक नहीं किए। उन्होंने यह भी दावा किया कि अंतिम चयन सूची बिना किसी अधिकृत हस्ताक्षर, आधिकारिक मुहर और तिथि के अपलोड की गई, जबकि पात्र उम्मीदवारों की अनंतिम सूची कभी जारी ही नहीं की गई। साथ ही आरोप लगाया गया कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद श्रेणीवार सीटों में बदलाव किया गया और एक विज्ञापित पद बिना किसी कारण के खाली छोड़ दिया गया।

रिकॉर्ड में मिलीं पहली नजर में खामियां

अदालत के समक्ष प्रस्तुत मूल भर्ती रिकॉर्ड की जांच के बाद न्यायमूर्ति संदीप मौदगिल ने पाया कि मूल्यांकन रिकॉर्ड में लिखित परीक्षा के लिए 70 अंक और साक्षात्कार के लिए 10 अंक ही दर्ज थे। जबकि विज्ञापन में शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के लिए 10-10 अंक निर्धारित होने के बावजूद इनके लिए अलग से कोई मूल्यांकन या अंक आवंटन नहीं किया गया था। अदालत ने यह भी पाया कि प्रतिवादी शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर दिए गए अंकों का कोई समकालीन रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सके। अदालत ने कहा कि ऐसे रिकॉर्ड का अभाव पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और वैधता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मूल दस्तावेज न्यायिक हिरासत में रखने के आदेश

कथित अनियमितताओं को देखते हुए उच्च न्यायालय ने संपूर्ण मूल भर्ती रिकॉर्ड न्यायिक अभिरक्षा में लेकर रजिस्ट्रार (न्यायिक) को सौंपने का निर्देश दिया।

स्वतंत्र समिति करेगी जांच

अदालत ने अपनी निगरानी में भर्ती प्रक्रिया की व्यापक जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित करने का भी आदेश दिया। अधिवक्ता विशाल शर्मा को समिति का प्रमुख सहायक परामर्शदाता नियुक्त किया गया है। उनकी सहायता अधिवक्ता अंजली सिंह, पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के उप निदेशक हरमनदीप सिंह और डीडीपीओ (मुख्यालय) अमरिंदरपाल सिंह करेंगे। समिति उम्मीदवारों के शैक्षणिक और अनुभव संबंधी दस्तावेजों की जांच, अनुभव प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता की पुष्टि, निर्धारित मानदंडों के अनुसार अंक दिए गए या नहीं, तथा पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता की जांच करेगी। मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई, 2026 को निर्धारित की गई है।

(एएनआई)

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