UP News : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यदि निजी स्थान पर शांतिपूर्ण ढंग से इबादत हो रही है तो उसे रोका नहीं...
UP News : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यदि निजी स्थान पर शांतिपूर्ण ढंग से इबादत हो रही है तो उसे रोका नहीं जा सकता और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन को सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी यूपी संभल जनपद निवासी मुनाजिर खान की याचिका पर की जिसमें रमजान के दौरान नमाजियों की संख्या सीमित करने के प्रशासनिक आदेश को चुनौती दी गई थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी व्यक्ति के निजी परिसर में नमाज, प्रार्थना या धार्मिक आयोजनों पर रोक नहीं लगाई जा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद-25 के तहत प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन, आचरण और प्रचार करने का समान अधिकार है, जिसे केवल सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के आधार पर ही सीमित किया जा सकता है।
न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने संभल निवासी मुनाजिर खान की याचिका पर यह टिप्पणी की। जिसमें रमजान के दौरान नमाजियों की संख्या सीमित करने के प्रशासनिक आदेश को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि यदि निजी स्थान पर शांतिपूर्ण ढंग से इबादत हो रही है तो उसे रोका नहीं जा सकता और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन को सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए।
हालांकि कोर्ट ने विवादित संरचना को फिलहाल मस्जिद नहीं माना, लेकिन वहां पहले से नमाज होने के आधार पर प्रार्थना की अनुमति देने को कहा। कोर्ट ने आदेश की प्रति राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजने के निर्देश भी दिए।
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