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हिमाचल में राहत कार्यों ने पकड़ी रफ्तार

हिमाचल में राहत कार्यों ने पकड़ी रफ्तार, बंद सड़कों की संख्या घटी, मंडी अब भी सबसे ज्यादा प्रभावित

हिमाचल में मानसूनी बारिश के बाद राहत और बहाली का काम तेज। बंद सड़कों और बिजली-पानी की आपूर्ति में सुधार जारी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

हिमाचल में राहत कार्यों ने पकड़ी रफ्तार बंद सड़कों की संख्या घटी मंडी अब भी सबसे ज्यादा प्रभावित

Himachal Monsoon Recovery Gains Pace, Road Closures Drop |

शिमला (हिमाचल प्रदेश)। हिमाचल प्रदेश में भारी मानसूनी बारिश के बाद युद्ध स्तर पर चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों के बीच जनजीवन को पटरी पर लाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की रिपोर्ट के अनुसार, 29 जुलाई की शाम 6 बजे तक राज्य भर में बंद सड़कों की संख्या घटकर 152 रह गई है, जो एक दिन पहले 192 थी। राहत की बात यह है कि वर्तमान में कोई भी राष्ट्रीय राजमार्ग बंद नहीं है।

जिलावार प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमें किसी भी नई मानसून संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए चौबीस घंटे मुस्तैद हैं और मलबे को हटाने का काम तेजी से जारी है। वर्तमान स्थिति यह है कि मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित बना हुआ है। यहां 58 सड़कें बंद हैं, जिसके बाद कुल्लू में 31, चंबा में 30, सिरमौर में 14 और शिमला में 14 सड़कें अवरुद्ध हैं।

बिजली और पानी की आपूर्ति में सुधार

बिजली आपूर्ति में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। यहां बाधित ट्रांसफार्मर क्षेत्रों (DTR) की संख्या 189 से घटकर 72 रह गई है। इनमें चंबा में 59, मंडी में 8 और सिरमौर में 5 डीटीआर प्रभावित हैं। इसके साथ ही, पेयजल आपूर्ति की स्थिति में भी सुधार हुआ है और बाधित योजनाएं 80 से घटकर 68 रह गई हैं, जिनमें हमीरपुर में सबसे अधिक 23, बिलासपुर में 18, मंडी में 16 और चंबा में 15 योजनाएं प्रभावित हैं।

चंबा में फ्लैश फ्लड और सड़क हादसा

SEOC की पिछले 24 घंटे की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान चंबा जिले में तीन बड़ी घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें दो अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और एक सड़क दुर्घटना शामिल है। डलहौजी तहसील के लहर में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 5 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा, सुल्तानपुर पटवार सर्कल के अंतर्गत आने वाले ओबेरी गांव और हरिपुर पटवार सर्कल के अंतर्गत आने वाले जियोटी गांव में अचानक बाढ़ आ गई। सुल्तानपुर में बाढ़ के कारण 28 मकान, एक गोशाला और एक दुकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि हरिपुर में एक सड़क मार्ग भी बाधित हुआ। गनीमत यह रही कि इन दोनों बाढ़ की घटनाओं में किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली है।

मानसून सीजन का अब तक का नुकसान

राज्य में 30 जून से शुरू हुए मानसून सीजन के अब तक के संचयी आंकड़ों के अनुसार, बारिश से जुड़ी विभिन्न दुर्घटनाओं में कुल 15 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से भूस्खलन (Landslides) के कारण कुल 14 मौतें हुई हैं, जिनमें अकेले लाहौल-स्पीति में 13 और चंबा में 1 मौत शामिल है। इसके अलावा, कांगड़ा जिले में फ्लैश फ्लड के कारण 1 व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि राहत विभाग के स्पष्टीकरण के अनुसार अब तक बादल फटने की घटनाओं में किसी की भी जान जाने की खबर नहीं है। पुनर्वास और बहाली का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है तथा आपातकालीन टीमें चौबीस घंटे मुस्तैद हैं।
​(Published By: Ravi Pandey)
 
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