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ममता बनर्जी के खिलाफ उम्मीदवार खड़ा करेंगे हुमायूं

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ उम्मीदवार खड़ा करेंगे हुमायूं कबीर

हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ उम्मीदवार खड़ा करने का ऐलान किया।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ उम्मीदवार खड़ा करेंगे हुमायूं कबीर

Humayun Kabir will field a candidate against Chief Minister Mamata Banerjee |

कोलकाता। टीएमसी से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता व विधानसभा में विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ उम्मीदवार खड़ा करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि  वे टीएमसी और भाजपा, दोनों के समान रूप से विरोधी हैं। 

टीएमसी पर अपरोक्ष रूप से मुस्लिम विरोधी होने का आरोप

हुमायूं कबीर ने कहा कि भाजपा शुरू से ही मुस्लिम समुदाय की विरोधी है लेकिन टीएमसी भी अपरोक्ष रूप से मुस्लिम विरोधी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल में उनकी मदद के बिना कोई भी मुख्यमंत्री नहीं बन सकता। मुर्शिदाबाद जिले में भरतपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक हुमायूं कबीर बेलडांगा में बाबरी मस्जिद निर्माण और बेलडांगा के नजदीक रेजीनगर में उसका शिलान्यास करने की वजह से चर्चित हुए थे। 

निष्कासन पर TMC और हूमायूं कबीर के अलग-अलग दावे

उनका कहना है कि बाबरी मस्जिद निर्माण के ऐलान के कारण ही टीएमसी ने उन्हें निष्कासित किया जबकि उन्होंने कोई संविधान या पार्टी विरोधी कार्य नहीं किया है। लेकिन टीएमसी का कहना है कि पार्टी में रहते पार्टी विरोधी कार्य करने के कारण उन्हें निष्कासित किया गया है। जानकारों का कहना है कि हूमायूं कबीर को पार्टी में कोई महत्वपूर्ण पद नहीं पाने और किसी विभाग का मंत्री नहीं बनाए जाने का मलाल था। पार्टी के अंदर दूसरे मुस्लिम नेताओं, खासकर शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम से प्रतिदंवंदिता थी। इसलिए उन्होंने मौके-मौके पर पार्टी की आलोचना की। 

विधायक पद से इस्तीफा देने की बात से पलटे हुमायूं कबीर

टीएमसी से निष्कासित होने के बाद हुमायूं कबीर ने 22 दिसंबर को अपनी नई पार्टी के ऐलान के साथ यह भी कहा था कि वे विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे। लेकिन बाद में उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देने से पीछे यह बता कर हट गए कि उनके विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने उन्हें इस्तीफा देने से मना कर दिया है और वे इसलिए विधायक पद से इस्तीफा नही दे रहे हैं। टीएमसी ने उन्हें निष्कासित किया है इसलिए उन पर दल बदल कानून लागू नहीं होगा और वे विधायक बने रहेंगे। विधानसभा में उनके लिए टीएमसी से अलग सीट की व्यवस्था होगी।

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