औरंगाबाद में जिला प्रशासन ने अवैध रूप से उर्वरक भंडारण और बिक्री के मामले में गोदाम सील कर बड़ी मात्रा में खाद जब्त की है।
औरंगाबाद,(बिहार)। अवैध उर्वरक भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गोदाम सील कर दिया है तथा संबधित उर्वरक विक्रेता के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई गुरुवार की शाम कुटुंबा प्रखंड अंतर्गत महाराजगंज स्थित देवी मंदिर के समीप की गई। सूचना मिली कि उक्त जगह एक गोदाम में अवैध रूप से उर्वरक भंडारण रखा हुआ है, जिसके आलोक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा अंचलाधिकारी, कुटुंबा को दंडाधिकारी के रूप में प्रति नियुक्त किया गया।
संध्या लगभग 5:00 बजे संबंधित गोदाम का ताला खुलवाकर भौतिक सत्यापन
साथ ही जिला कृषि कार्यालय द्वारा उर्वरक निरीक्षक-सह-प्रखंड कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार, कृषि समन्वयक प्रवीण सिंह तथा किसान सलाहकार दिलफराज अशर्फी की संयुक्त जांच टीम गठित की गई। जांच दल द्वारा संध्या लगभग 5:00 बजे संबंधित गोदाम का ताला खुलवाकर भौतिक सत्यापन किया गया। निरीक्षण के दौरान गोदाम से 105 बोरा जिंकेटेड सिंगल सुपर फॉस्फेट तथा 284 बोतल इफको नैनो यूरिया बरामद किया गया।
उर्वरक बिना किसी वैध अनुज्ञप्ति के गोदाम में भंड़ारित
जांच में पाया गया कि उक्त उर्वरक बिना किसी वैध अनुज्ञप्ति के गोदाम के किरायेदार अभिषेक प्रसाद जायसवाल द्वारा विक्रय के उद्देश्य से भंडारित किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा अवैध रूप से भंडारित समस्त उर्वरक को तत्काल जप्त कर गोदाम को सील कर दिया गया। साथ ही गोदाम के किरायेदार अभिषेक प्रसाद जायसवाल के विरुद्ध उर्वरक संबधित धाराओं में कुटुंबा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए विधिसम्मत कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
कठोर एवं निरंतर कार्रवाई का भरोसा
जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज ने स्पष्ट किया है, कि किसानों के हितों के प्रतिकूल अवैध उर्वरक भंडारण, कालाबाजारी अथवा बिना वैध अनुज्ञप्ति के उर्वरक विक्रय करने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार कठोर एवं निरंतर कार्रवाई की जाएगी।
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