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11 सूत्रीय मांगों को लेकर अड़े ग्रामीण

रिलायंस पावर के खिलाफ विस्थापितों का गोहवया नदी में अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह

रिलायंस पावर प्लांट के खिलाफ विस्थापित लोगों द्वारा गोहावाया नदी में अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह आरंभ किया है।

रिलायंस पावर के खिलाफ विस्थापितों का गोहवया नदी में अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह

Indefinite water satyagraha by displaced people in Gohavaya river against Reliance Power |

सिंगरौली (मध्य प्रदेश)। रिलायंस पावर प्लांट के खिलाफ स्थानीय विस्थापितों का आक्रोश एक बार फिर फूट पड़ा है। प्रभावित ग्रामीणों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर गोहवया नदी के पानी में उतरकर अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है। यह विरोध प्रदर्शन विस्थापित परिवार संघ एवं जिला पंचायत सदस्य संदीप शाह के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण उन्हें अब जल सत्याग्रह जैसा कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

​जल सत्याग्रह के तहत रखी गईं प्रमुख 11 सूत्रीय मांगें:

​विस्थापन व बुनियादी सुविधाएं:
हरहवा, झांझी टोला और राखड़ डैम के आसपास के एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्र का पूर्ण विस्थापन किया जाए। इसके साथ ही प्रभावित ग्रामीणों के लिए स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था हो और राखड़ डैम के चारों तरफ पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए।

​भत्ता वृद्धि व वृद्धों को पेंशन:
विस्थापित भत्ते की राशि में तत्काल बढ़ोतरी की जाए। इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग विस्थापितों को जीवन यापन हेतु 6,000 रुपये मासिक पेंशन प्रदान की जाए।

​स्थानीय रोजगार व मुआवजा:
स्थानीय बेरोजगार युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार कंपनी में स्थाई रोजगार दिया जाए। वहीं राखड़ से बंजर हुई किसानों की कृषि भूमि की निष्पक्ष जांच कराकर उन्हें उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। 

​शिक्षा व पर्यावरण संरक्षण:
डीएवी स्कूल सूर्यविहार में कक्षा 10वीं के बाद बायो (जीव विज्ञान) और मैथ (गणित) विषय की पढ़ाई शुरू की जाए। साथ ही पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राखड़ डैम में मलबा डालने (डंपिंग) की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए।

​विस्थापित परिवार संघ ने जारी की विज्ञप्ति

विस्थापित परिवार संघ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में जानकारी दी गई कि जब तक शासन-प्रशासन और रिलायंस पावर प्रबंधन उनकी सभी 11 सूत्रीय मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाते, तब तक यह जल सत्याग्रह अनवरत जारी रहेगा। इस जल सत्याग्रह आंदोलन में हरहवा के सरपंच राममिलन बैस, सुरेश शाह, महेंद्र शाह, विनोद शाह, विद्यासागर शाह, राघवेंद्र शाह, शीतल शाह, छत्रपति साकेत, रामरति शाह, लीलावती साकेत और राम डालो साकेत समेत सैकड़ों प्रभावित ग्रामीण मौजूद रहे।

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