विदेश मंत्रालय ब्रिटेन में न्यायिक हिरासत में रखे गए कैप्टन अजय पंत के मामले पर नजर बनाए हुए है। उनके परिवार व वकीलों के संपर्क में है। भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश अधिकारियों के सामने मामला उठाया है।
नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि वह ब्रिटेन में न्यायिक हिरासत में रखे गए भारतीय नागरिक कैप्टन अजय पंत के मामले पर कड़ी नजर रख रहा है। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ब्रिटिश अधिकारियों, उनके वकीलों और परिवार के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने द्विसाप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि मामला कानूनी प्रकृति का है, लेकिन उन्होंने पुष्टि की कि लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग पंत को कांसुलर सहायता प्रदान कर रहा है। उसने ब्रिटिश अधिकारियों के साथ भी यह मुद्दा उठाया है।
कैप्टन अजय पंत के मामले पर ब्रिटेन के संपर्क में भारत
जायसवाल ने कहा, मैं कहना चाहूंगा कि यह एक कानूनी मामला है, लेकिन हम इस विशेष मामले पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। हम कैप्टन अजय पंत के वकीलों के साथ-साथ उनके परिवार के भी संपर्क में हैं। हमारे उच्चायोग ने 24 जून को उनसे मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम का पता लगाया। हम कैप्टन पंत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस मामले पर ब्रिटेन स्थित उच्चायोग और ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय के भी संपर्क में हैं। मैं आपको इस मामले पर अद्यतन जानकारी देता रहूंगा।
एचएमपी विनचेस्टर जेल में बंद कैप्टन अजय पंत की हालत स्थिर
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा 25 जून को शेयर की गई जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड निवासी पंत वर्तमान में एचएमपी विनचेस्टर जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने 19 जून को जेल के टेलीफोन सिस्टम के माध्यम से पंत से संपर्क स्थापित किया था। बातचीत के दौरान पंत ने अधिकारियों को बताया कि उनका स्वास्थ्य अच्छा है और उन्हें जेल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपनी पत्नी के साथ नियमित संपर्क में हैं।
कंपनी ने पंत को पूर्ण कानूनी सहायता और उनके परिवार को सहायता का दिया आश्वासन
उच्चायोग ने पंत को समय पर कांसुलर सहायता सुनिश्चित करने और उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) से भी इस मामले को उठाया है। उच्चायोग पंत की पत्नी, उनके नियोक्ता एनर्जियोस मैरीटाइम प्राइवेट लिमिटेड, उनके कानूनी प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ संपर्क में है। कंपनी ने पंत को पूर्ण कानूनी सहायता और उनके परिवार को सहायता का आश्वासन दिया है।
सीएम धामी ने सहायता का दिलाया भरोसा
उच्चायोग ने उत्तराखंड सरकार को यह भी सूचित किया कि पंत को अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। उनकी सुनवाई 16 जुलाई को हुई थी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार अपने नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पंत के मामले में भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय उच्चायोग के साथ लगातार संपर्क में है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि पंत को आवश्यक सहायता और समर्थन प्रदान करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय से काम कर रही हैं।
(इनपुट: ANI)
ये भी पढ़ें- झांसी का 140 साल पुराना पारीछा बांध बना वैश्विक विरासत, फ्रांस में मिलेगा खास सम्मान