केंद्र सरकार की 37,500 करोड़ रुपये की सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण योजना को उद्योग जगत से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार की 37,500 करोड़ रुपये की सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण योजना को उद्योग जगत से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। कोयला मंत्रालय के अनुसार, योजना से जुड़े पूर्व-आवेदन सम्मेलन में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं तथा संभावित आवेदकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बोली प्रक्रिया से पहले हुआ सम्मेलन
कोयला मंत्रालय द्वारा आयोजित पूर्व-आवेदन सम्मेलन की अध्यक्षता अतिरिक्त सचिव सनोज कुमार झा ने की। सम्मेलन का उद्देश्य योजना के दिशा-निर्देशों और प्रस्ताव आमंत्रण (RFP) से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं को स्पष्ट करना था। अधिकारियों ने सम्मेलन में पात्रता मानदंड, मूल्यांकन प्रक्रिया, वित्तीय प्रोत्साहन और आवेदन प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी दिए गए।
स्वच्छ ऊर्जा और मूल्यवर्धित उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
13 मई को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी प्राप्त इस योजना का उद्देश्य कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को गति देना है। इसके तहत सिंथेटिक प्राकृतिक गैस, अमोनिया, मेथनॉल, डीआरआई, सिंथेटिक ईंधन और अन्य रसायनों जैसे उच्च मूल्य वाले उत्पादों का उत्पादन बढ़ाया जाएगा।
निवेश और रोजगार के नए अवसर
मंत्रालय के अनुसार, इस योजना से लगभग 2.5 से 3 लाख करोड़ रुपये तक का निवेश आकर्षित होने की संभावना है। इसके जरिए हर वर्ष करीब 75 मिलियन टन कोयले का उपयोग होगा और लगभग 50,000 रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकेंगे। साथ ही आयातित ऊर्जा और रासायनिक उत्पादों पर भारत की निर्भरता भी कम होगी।
7 सितंबर तक जमा किए जा सकेंगे आवेदन
कोयला मंत्रालय ने बताया कि योजना के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 7 सितंबर निर्धारित की गई है। सभी पात्र संस्थाओं से समय सीमा के भीतर अपने प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अपील की गई है।
(ANI)
यह भी पढ़े: राजौरी में मूसलाधार बारिश से अलर्ट, प्रशासन और पुलिस ने लोगों से घरों में रहने की अपील