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लालू, राबड़ी और तेजस्वी पर आरोप तय

IRCTC घोटाला: लालू यादव, राबड़ी और तेजस्वी समेत 7 पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय

IRCTC घोटाला मामले में दिल्ली की अदालत ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत 7 आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश दिया। पढ़ें पूरी खबर।

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RJD Chief Lalu Prasad Yadav (File Photo) |

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को कथित IRCTC घोटाले से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव और चार अन्य लोगों के खिलाफ धन शोधन के आरोप तय करने का आदेश दिया। अदालत ने पिछले साल अक्टूबर में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज इसी कथित घोटाले के मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख और 11 अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किये थे।

जज ने खारिज की राजनीतिक प्रतिशोध की दलील

विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने गुरुवार को कहा कि धन शोधन के अपराध के मामले में सात लोगों के खिलाफ पुख्ता संदेह है तथा जांच का स्वरूप, समय और तरीका- ऐसा नहीं लगता कि यह राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित हो, जैसा कि आरोपियों के वकीलों ने दलील दी है। न्यायाधीश ने इस मामले में 9 आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया था।

CBI ने जमीन के बदले होटल ठेका देने का आरोप लगाया

CBI की प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि संप्रग-1 सरकार में रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद ने 2004 में IRCTC के दो होटलों के रखरखाव का काम एक कंपनी को सौंप दिया था। इसके बदले में उन्हें पटना में एक बेशकीमती जमीन रिश्वत के तौर पर मिली थी, जो प्रेम चंद गुप्ता (पूर्व केंद्रीय मंत्री) की पत्नी सरला गुप्ता की एक बेनामी कंपनी के जरिए प्राप्त की गई थी। CBI की इसी प्राथमिकी के आधार पर ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया।

फर्जी कंपनियों से अपराध की कमाई की जांच

अधिकारियों के अनुसार, ED ने आरोपियों द्वारा कथित तौर पर फर्जी कंपनियों के जरिए की गई अपराध से अर्जित आय की जांच की थी। CBI की प्राथमिकी में जिन अन्य लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें विजय कोचर, विनय कोचर (दोनों सुजाता होटल के निदेशक), डिलाइट मार्केटिंग कंपनी (जिसे अब लारा प्रोजेक्ट्स के नाम से जाना जाता है) और IRCTC के तत्कालीन प्रबंध निदेशक पी.के. गोयल शामिल हैं। रांची और ओडिशा के पुरी में होटलों के रखरखाव का अनुबंध देने में सुजाता होटल को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने और बदले में बेशकीमती जमीन हासिल करने के मामले में पांच जुलाई 2018 को CBI ने प्राथमिकी दर्ज की थी।

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