कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मंगलवार को अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले की जांच पूरी घोषित करने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले पर सवाल उठाए।
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मंगलवार को अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले की जांच पूरी घोषित करने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच में मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की गई है। कांग्रेस नेता ने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई पोस्ट में जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि BJP सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए बिना आठ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर मामले को बंद करने की कोशिश की है। उन्होंने लिखा, "चंदा चोरी, आस्था के साथ धोखा। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावे की चोरी और पैसे की गड़बड़ियों के मामले में BJP सरकार ने बड़ी मछलियों पर कार्रवाई किए बिना जांच पूरी बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। क्या प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने RSS, विश्व हिंदू परिषद और BJP से जुड़े लोगों को बचाने के चक्कर में लोक-लाज पूरी तरह छोड़ दी है?"
आठ लोगों के खिलाफ चार्जशीट पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि लाखों भक्तों ने श्री राम मंदिर में अपनी आस्था के साथ मेहनत की कमाई चढ़ावे के रूप में दी है। ऐसे में चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार का यह कहना कि जांच पूरी हो गई है और आठ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है, कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि सरकार के मुताबिक सभी चढ़ावे और कीमती सामान का हिसाब-किताब मिला लिया गया है। हालांकि, रमेश ने सवाल उठाया कि क्या केवल आठ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने से पूरे मामले की जांच पूरी हो जाती है? उन्होंने पूछा कि बाकी बड़े आरोपियों को मामले में आरोपी क्यों नहीं बनाया गया।
105 CCTV रिकॉर्डिंग और 79.85 लाख रुपये की रिकवरी का जिक्र
जयराम रमेश ने मंदिर में कथित चोरी की घटनाओं के CCTV फुटेज और करीब 79.85 लाख रुपये की बरामदगी को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि क्या 105 CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई घटनाओं और करीब 79.85 लाख रुपये की रिकवरी के बाद सरकार की जिम्मेदारी खत्म हो जाती है? मंदिर के चढ़ावे की सुरक्षा, गिनती, हिसाब-किताब और निगरानी के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। रमेश ने उत्तर प्रदेश सरकार की SIT जांच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि SIT राज्य सरकार की पुलिस एजेंसी है और सरकार इसी जांच को पर्याप्त मान रही है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि SIT की जांच को पूरा बताकर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की जरूरत क्यों नहीं समझी।
45 दिनों में चोरी की 105 घटनाओं पर मांगा जवाब
कांग्रेस नेता ने कहा कि महज 45 दिनों में CCTV कैमरों में चोरी की 105 घटनाएं रिकॉर्ड होना कोई छोटी बात नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि करोड़ों लोगों की ओर से मंदिर में हजारों करोड़ रुपये का चढ़ावा चढ़ाए जाने के बावजूद सिर्फ 79.85 लाख रुपये की बरामदगी की खबर सामने आई है। उन्होंने सरकार से पूछा कि इन 105 घटनाओं में कुल कितनी नकदी चोरी हुई और कितनी रकम की बरामदगी अभी बाकी है। साथ ही उन्होंने मांग की कि सरकार पूरे मामले का हिसाब-किताब सार्वजनिक करे। रमेश ने CCTV फुटेज को लेकर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या केवल 105 घटनाओं की ही रिकॉर्डिंग उपलब्ध है और बाकी कैमरों की फुटेज कहां है? उन्होंने यह भी पूछा कि CCTV में दर्ज चोरी की ये घटनाएं कितने दिनों के भीतर हुई थीं।
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