झालावाड़ की पोक्सो कोर्ट-2 ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी पिता को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 12 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
झालावाड़ (राजस्थान)। जिले में पोक्सो कोर्ट-2 ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी पिता को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश संजय कुमार भटनागर ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
बुआ के साथ थाने पहुंचकर दर्ज कराई थी शिकायत
विशिष्ट लोक अभियोजक दीपेश भार्गव के अनुसार, पीड़िता ने 10 फरवरी 2025 को अपनी बुआ के साथ भालता पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने अपने पिता पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़िता ने बताया कि उसके पिता ने करीब चार-पांच वर्ष पहले दूसरी शादी कर ली थी। इसके बाद वह उसे और उसके भाई को अक्सर मारपीट कर प्रताड़ित करता था।
आरोपी पर कई बार दुष्कर्म करने का आरोप
मारपीट से परेशान होकर उसका भाई घर छोड़कर चला गया था। पीड़िता अपनी सौतेली मां और पिता के साथ अकेली रह रही थी। पीड़िता के अनुसार, एक दिन पिता ने उसे अकेला पाकर जबरन पलंग पर पटककर दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने पीड़िता के साथ कई बार दुष्कर्म किया।
जांच के बाद कोर्ट में पेश किया गया चालान
पीड़िता ने यह बात अपनी बुआ को बताई, जिसके बाद भालता पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया।
14 गवाह और 27 दस्तावेज बने सजा का आधार
विशिष्ट लोक अभियोजक दीपेश भार्गव ने राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए 14 गवाह और 27 दस्तावेज प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों के आधार पर विशेष जज संजय कुमार भटनागर ने आरोपी को दोषी मानते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 12 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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