कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य पार्टी नेताओं को आकाशवाणी भवन से हिरासत में लिए जाने को लेकर सवाल किया।
नई दिल्ली [भारत]: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य पार्टी नेताओं को आकाशवाणी भवन से हिरासत में लिए जाने को लेकर सवाल किया। यह हिरासत मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बाद हुई। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को घंटों चले धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था।
खरगे ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
एक्स पर एक पोस्ट में खरगे ने दावा किया कि राहुल गांधी शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, जब दिल्ली पुलिस ने उन्हें "बलपूर्वक" हिरासत में लिया। उन्होंने कहा, “श्री राहुल गांधी चुनाव आयोग से मुलाकात की मांग को लेकर शांतिपूर्वक धरने पर बैठे थे। शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराना उनका संवैधानिक अधिकार है। इसके बावजूद, अमित शाह के नियंत्रण वाली दिल्ली पुलिस द्वारा विपक्ष के नेता को जबरन हिरासत में लेना संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।” उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के व्यवहार में घबराहट साफ झलक रही है। याद रखें— लोकतंत्र में अंतिम शक्ति जनता के पास होती है। जनता हर किसी को उसके हर काम के लिए जवाबदेह ठहराती है।”
राहुल-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में
राष्ट्रीय राजधानी में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य को दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन से हिरासत में लिया। यहां वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ धरना दे रहे थे। हिरासत में लिए गए नेताओं में कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा, केसी वेणुगोपाल और अमरिंदर सिंह राजा वारिंग भी शामिल थे। बाद में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत हिरासत में लिए गए नेताओं को रिहा कर दिया गया।
इमरान प्रतापगढ़ी ने साझा किया बस का वीडियो
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने उस बस के अंदर के दृश्य साझा किए, जिसमें उन्हें हिरासत में लिया गया था। उन्होंने इसके साथ हबीब जालिब की कविता की एक पंक्ति भी लिखी। उन्होंने कहा, "क्यों डराते हो जिंदों की दीवार से"। इससे पहले मंगलवार सुबह इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने आकाशवाणी भवन में धरना दिया था। कई विपक्षी दलों के नेताओं को निर्वाचन सदन की ओर मार्च के दौरान रोक दिया गया था। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने वहीं धरना शुरू कर दिया।
'लोकतंत्र बचाओ' अभियान का हिस्सा प्रदर्शन
यह विरोध प्रदर्शन विपक्ष द्वारा घोषित व्यापक 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान का हिस्सा है। इसके तहत विपक्षी नेता विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन और सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर अपनी आपत्तियां उठाई हैं, जबकि इन आरोपों पर राजनीतिक मतभेद बने हुए हैं।
(एएनआई)
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