उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में आयोजित सम्मान समारोह में कहा कि डबल इंजन सरकार 'Ease of Living' के साथ 'Ease of Justice' को बढ़ावा दे रही है।
प्रयागराज/लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य आज प्रयागराज में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन कार्यकारिणी 2025-26 द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में सम्मिलित हुए, उन्होंने कहा कि न्यायपालिका जनता के विश्वास के रूप में स्थापित है। न्यायालय वह स्थान है, जहां सत्य की शक्ति बोलती है और नागरिकों को न्याय मिलने का विश्वास मिलता है। मौर्य ने न्यायाधीशों के लिए नवीन भवन सहित अधिवक्ताओं हेतु नवीन चैंबरों की चाबी सौंपते हुए उन्हें बधाई दी।
अधिवक्ताओं की नागरिक अधिकारों की रक्षा में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका
मौर्य ने कहा कि प्रयागराज के अधिवक्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संविधान हमें अधिकार देता है और न्याय व्यवस्था उन अधिकारों की रक्षा का विश्वास देती है। अधिवक्ता और सरकार के बीच संबंध केवल व्यवस्था का नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को न्याय दिलाने की साझा जिम्मेदारी का है। सरकार कानून बनाती है, लेकिन उस कानून का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अधिवक्ता महत्वपूर्ण सेतु हैं।
न्याय पाने की प्रक्रिया सामान्य नागरिक के लिए सुलभ
उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था में हमारी प्राथमिकता स्पष्ट होनी चाहिए कि गरीब हो या प्रभावशाली, कानून सबके लिए एक समान हो। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश में न्याय केवल मिले ही नहीं, बल्कि समय पर मिले तथा न्याय पाने की प्रक्रिया भी सामान्य नागरिक के लिए सरल और सुलभ बने।
भारत की न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और डबल इंजन सरकार में Ease of Living के साथ Ease of Justice की दिशा में तकनीक, डिजिटल न्यायिक व्यवस्था और आधुनिक न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार बढ़ावा दिया गया है, अदालतों के आधुनिकीकरण, ई-कोर्ट व्यवस्था, डिजिटल सेवाओं, न्यायिक अवसंरचना के विस्तार तथा न्याय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पुराने औपनिवेशिक आपराधिक कानूनों के स्थान पर नए न्याय-केंद्रित कानूनों का लागू होना बदलते भारत की न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन है।
प्रधानमंत्री ने राजनीति की कार्यसंस्कृति बदलीः मौर्य
मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत के संकल्प में तेज विकास के साथ तेज, सरल और सुलभ न्याय की भी उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री ने राजनीति की कार्यसंस्कृति बदली है—सत्ता नहीं, सेवा; परिवार नहीं, राष्ट्र; तुष्टीकरण नहीं, सबका विकास।
निर्दोष को छेड़ेंगे नहीं और अपराधी को छोड़ेंगे नहीं
उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि एक समय प्रदेश की पहचान कानून के राज से नहीं, बल्कि कानून तोड़ने वालों के आतंक से होती थी। आज अपराधी कानून से डरता है और सामान्य नागरिक व्यवस्था पर भरोसा करता है। डबल इंजन सरकार की नीति साफ है— निर्दोष को छेड़ेंगे नहीं और अपराधी को छोड़ेंगे नहीं। सपा सरकार के कार्यकाल की चर्चा होती है तो कानून-व्यवस्था, दंगों और प्रशासनिक निष्पक्षता से जुड़े सवाल भी स्वाभाविक रूप से सामने आते हैं। उस समय कानून का राज कागज पर था, जमीन पर गुंडाराज था।
अधिवक्ताओं को भी मिले सम्मान
उन्होंने कहा कि हमारी सोच स्पष्ट है कि अधिवक्ताओं को सम्मान भी मिले, सुरक्षा भी मिले और कार्य करने के लिए आधुनिक सुविधाएं भी मिलें। मजबूत बार और मजबूत बेंच मिलकर ही मजबूत न्याय व्यवस्था का निर्माण करते हैं। अदालतों में काम करने वाले अनेक चेहरे भले ही सुर्खियों में न आएं, लेकिन उनके श्रम और समर्पण के बिना न्याय की पूरी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती।
उत्तर प्रदेश में प्रत्येक नागरिक को न्याय का भरोसा
श्री मौर्य ने कहा कि डबल इंजन सरकार न्यायपालिका की आवश्यकताओं के अनुरूप न्यायिक आधारभूत सुविधाओं के विकास, तकनीकी सुदृढ़ीकरण और न्याय तक आम नागरिक की पहुंच को आसान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का संकल्प है कि उत्तर प्रदेश में प्रत्येक नागरिक को समान, समयबद्ध और सुलभ न्याय का भरोसा मिले।
कार्यक्रम में गणमान्यजन एवं भारी संख्या में जनमानस उपस्थित
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली, न्यायाधीश अरिदमन सिन्हा, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री नंद गोपाल नंदी, प्रयागराज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय सहित अन्य गणमान्यजन एवं भारी संख्या में जनमानस उपस्थित रहे।
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