पश्चिम बंगाल के उत्तर चौबीस परगना जिले के तहत गोघाटा और गोबरडांगा में केंद्रीय बल के जवानों ने उन वोटरों को वोट देने के लिए बूथ में जाने से रोक दिया, जो लोग लुंगी पहन कर आए थे।
कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। पश्चिम बंगाल के उत्तर चौबीस परगना जिले के तहत गोघाटा और गोबरडांगा में केंद्रीय बल के जवानों ने उन वोटरों को वोट देने के लिए बूथ में जाने से रोक दिया, जो लोग लुंगी पहन कर आए थे। बूथ पर तैनात केंद्रीय बलों के जवानों से वोटरों को साफ कहा –लूंगी नहीं चलेगा। जिन वोटरों जब यह कहा कि चुनाव आयोग ने लूंगी बनने से मना नहीं किया है, तो उन्हें डंडा की मार का भय दिखा कर भगा दिया गया। वोटर लुंगी जगह पर पाजामा या पैंट पहन कर आए, तब वे अपना वोट दे सके। इस वाकया को लेकर बंगाली समाज में चुनाव आयोग के प्रति गुस्सा है।
सांस्कृतिक अपमान का आरोप
गोघाटा और गोबरडांगा के लोगों का कहना है कि बंगाल में लुंगी पहना जाता है। लुंगी घर में पहना ही जाता है, इसै पहन कर बाजार-हाट भी जाया जाता है। केंद्रीय बल के जवानों ने बेवजह उन्हें परेशान और आतंकित किया। उन्हें आशंका है कि ऐसा जानबूझ कर और उनकी भावना को चोट पहुंचाने व नीचा दिखाने के लिए किया गया है। मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमों ममता बनर्जी का कहना है कि बंगाल में केवल मुस्लिम ही नहीं, हिंदू भी लुंगी पहनते है। बंगाल के लोगों को अपमान करने की मानसिकता से इस प्रकार की निंदनीय हरकत की गई है।
पहनावे पर सियासी और सामाजिक बहस
जानकार बताते है कि बंगाल में आम लोग ही नहीं, खास लोग भी लुंगी पहनते है। मुख्यमंत्री ज्योति बसु लूंगी पहनते थे। बांग्ला फिल्मों में कलाकारों को लुंगी पहने के दिखाया गया है। उत्तर भारत के कई राज्यों में यह धारणा है कि लुंगी केवल एक संप्रदाय के पुरुष पहनते है और इसे अच्छा नहीं माना जाता है।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/india/crude-oil-hits-125-amid-us-iran-tensions/181231
तेल की कीमतों में लगी आग, ब्रेंट क्रूड $125 के पार