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जांच में पता चला कोई आवेदन ही नहीं

मध्यप्रदेश : जनसुनवाई में ड्रामा, झूठी शिकायत की खुली पोल, व्यापारी पर FIR की तैयारी

डिप्टी कलेक्टर की जांच में सामने पाया गया कि संबंधित भूमि नामांतरण के लिए व्यापारी जगदीश अग्रवाल ने कभी कोई आवेदन प्रस्तुत ही नहीं किया।

मध्यप्रदेश  जनसुनवाई में ड्रामा झूठी शिकायत की खुली पोल व्यापारी पर fir की तैयारी

श्योपुर : जिले में जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों पर झूठे आरोप लगाना एक व्यापारी को भारी पड़ गया है.बीते मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में दंडवत हुए नामांतरण नहीं होने की शिकायत और आत्महत्या की धमकी देने वाले व्यापारी जगदीश अग्रवाल के खिलाफ अब वैधानिक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो चुकी है.जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी कोतवाली एवं पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर एफआईआर दर्ज कराने के लिए पत्र भी जारी कर दिया है। 

दंडवत करते हुए किया था प्रदर्शन

जानकारी के अनुसार 02-06-2026 दिन मंगलवार को श्योपुर हर निवासी व्यापारी ने कनक दंडवत करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था. व्यापारी ने जमीन संबंधी मामले में तहसीलदार और पटवारी पर नामांतरण के एवज में एक लाख रुपए मांगने के आरोप लगाए थे.इसके अलावा वर्षों से नामांतरण लंबित होने की शिकायत भी कलेक्टर शीला दाहिमा से की थी. कलेक्टर शीला दाहिमा के निर्देश के बाद जनसुनवाई प्रभारी एवं डिप्टी कलेक्टर संजय जैन द्वारा कराई गई जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। 

जांच में पता चला कोई आवेदन ही नहीं

डिप्टी कलेक्टर की जांच में सामने पाया गया कि संबंधित भूमि नामांतरण के लिए व्यापारी जगदीश अग्रवाल ने कभी कोई आवेदन प्रस्तुत ही नहीं किया. न तो तहसीलदार न्यायालय में कोई प्रकरण लंबित है था और न ही विचाराधीन.पूछताछ में स्वयं व्यापारी ने स्वीकार किया कि उसने नामांतरण के लिए कोई आवेदन नहीं दिया है। रिश्वत मांगने के आरोपों पर व्यापारी ने अपने बयान में स्वीकार किया कि उसने जल्दबाजी और सुनी सुनाई बातों के आधार पर शिकायत में यह आरोप लिख दिया था.किसी अधिकारी या पटवारी द्वारा उसे किसी प्रकार की राशि की मांग नहीं की गई थी। 

सोशल मीडिया पर भ्रमित कर रहा था

प्रशासन के मुताबिक व्यापारी ने सोशल मीडिया पर भी बरामद बयान देकर जनता को भ्रमित करने तथा प्रशासन की छवि ढूंढ करने का प्रयास किया उसके अलावा जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण शासकीय कार्यक्रम में विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करने की कोशिश की गई।अब जिला प्रशासन ने पुलिस को व्यापारी के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज करने के लिए पत्र भेज दिया है। 

पटवारी पर पैसे लेने का लगाया था आरोप

इस मामले में जनसुनवाई प्रभारी एवं डिप्टी कलेक्टर संजय जैन ने बताया कि 02/06/2026 दिन मंगलवार को जगदीश पुत्र सुरजन अग्रवाल निवासी श्योपुर कलेक्टर शीला दाहिमा के समक्ष उपस्थित होकर एक आवेदन दिया था. उन्होंने एक आवेदन दिया था कि उनका बर्षों से नामांतरण नहीं हो रहा है. यह भी आरोप लगाया कि तहसीलदार पटवारी पैसे लेकर नामांतरण कर रहे हैं.इस मामले की गंभीरता से जांच करनें के लिए कलेक्टर शीला दाहिमा जी ने मुझे आवेदन जांच के लिए दिया.मैने तहसीलदार और आवेदक का बयान लिया.आवेदक ने बताया कि उसने सन् 2009 में जमीन की रजिस्ट्री कराए थी. और बह रजिस्ट्री अनिल मंगल नामक व्यक्ति को गिरवी रख दी.उस रजिस्ट्री संबंधी कोई भी आवेदन न्यायालय में नहीं लगाया. ना ही उसका कोई आवेदन लंबित या विचाराधीन है।

पूछताछ में बोला , तनाव में बोल दिया

आवेदक से यह भी पूछा गया था कि आपके द्वारा रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए हैं तो आवेदक का कहना था कि उसने यह बात कहीं से सुनकर यह शिकायत कर दी.जब आवेदक से पूछा कि आपने धमकी दी तो उसने कहा कि में तनाव में था इसी लिए बोल दिया. एसपी और थाना प्रभारी को आवेदन दिया है कि कलेक्टर की समक्ष धमकी देना स्वयं को आत्महत्या के लिए प्रेरित करना एक अपराध है और शासन की छवि को धूमिल करना शाशन की जनसुनवाई योजना पर निगेटिव प्वाइंट आता है. सिस्टम के लोग भी प्रभावित होते है और आम जनता भ्रमित होती है.

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