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पीएम मोदी पर ममता बनर्जी का हमला...

पीएम मोदी पर ममता बनर्जी का हमला, कहा - 'विरोध के स्वर को...'

कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दक्षिण चौबीस परगना जिले के तहत बारूईपुर में भाजपा की चुनावी सभा...

पीएम मोदी पर ममता बनर्जी का हमला कहा - विरोध के स्वर को

पीएम मोदी पर ममता बनर्जी का हमला, कहा - 'विरोध के स्वर को...' |

कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दक्षिण चौबीस परगना जिले के तहत बारूईपुर में भाजपा की चुनावी सभा में जादवपुर विश्वविद्यालय के बारे में कही गई बातों से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बेहद खपा हो गई हैं। उन्होंने हाबडा में टीएमसी की चुनावी सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध किया, साथ ही उनके नाम खुला पत्र भी लिखा।

उन्होंने बंगाल के विश्वविद्यालयों को छात्रों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति विरोध जताने का आह्वान भी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण चौबीस परगना जिले के तहत बारूईपुर में भाजपा की चुनावी सभा में कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय का नाम दुनियाभर में सम्मान से लिया जाता है। इसकी नींव राष्ट्रवाद पर रखी गई है, लेकिन आज इसकी स्थिति देखिए, कैंपस के अंदर धमकियां दी जा रही है। दीवारों पर देश विरोधी बातें लिखी जा रही हैं। छात्र अपनी पढ़ाई की बजाय सड़कों पर प्रदर्शन करने पर मजबूर है। हम यहां अराजकता नहीं, एकेडिमिक माहौल चाहते हैं।

हम धमकियां नहीं, संवाद चाहते हैं, जो सरकार अपने ही राज्य में ऐसे बड़े शिक्षा संस्थान को बचा नहीं सकती, वह बंगाल का क्या भविष्य बचाएगी, नौजवानों का भविष्य क्या बचाएगी। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नाराज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री का नाम लिये बिना ही हावड़ा में टीएमसी की चुनावी सभा में कहा कि मेरे खयाल से युवा समुदाय, छात्र समुदाय को विरोध करना उचित है। युवा समुदाय  हमारे लिए गर्व है। वे बोल रहे है कि वहां अराजकता चल रहा है। क्या आपने उस विश्वविद्यालय के लिए एक भी पैसा दिया है। यह ध्यान में रखिए, यह विश्वविद्यालय विश्व में एक नंबर का विश्वविद्यालय माना जाता है। आप कभी छात्रों को अराजक बता देते हैं तो कभी यह कहते हैं कि सड़कों पर माताएं-बहनें नहीं सड़क पर नही चल पाती। 

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री के नाम लिखे खुला पत्र में जिक्र किया है कि जादवपुर के छात्रों ने अपने मेधा पर अपना स्थान बनाया है। वे जब विश्वविद्यालय से बाहर निकलते है तो केवल डिग्री लेकर नहीं निकलते, प्रखर विवेक बुद्धि लेकर निकलते हैं और प्रश्न उठाने की क्षमता रखते है। यही वास्तविकग शिक्षा और श्रेष्ठता है। विरोध के स्वर को अराजकता नहीं कहा जा सकता। विचार की जगह शक्ति प्रदर्शन के लिए बुलडोजर का इस्तेमा, किसानों की आवाज को दबा देना, बलात्कारियों और दूसरे जघन्य अपराध के अपराधियों का राजनीतिक बचाव करना अराजकता है।

जानकारों के अनुसार, जादवपुर में वामपंथी छात्र संगठनों और अखिल भारती. विद्यार्थी परिषद के बीच विभिन्न राजनीतिक मुद्दों को लेकर टकराव होती रहती है। उनका टकराव कभी-कभी हिंसा की घटना में भी परिवर्तित हो गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।  

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