मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग बूथ के अंदर केंद्रीय बल के जवानों को तैनात करेगा तो इसका विरोध होगा।
कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग बूथ के अंदर केंद्रीय बल के जवानों को तैनात करेगा तो इसका विरोध होगा। बूथ के अंदर केंद्रीय बल या राज्य पुलिस के जवानों को तैनात करना गैरकानूनी होगा। वे इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी।
चुनाव आयोग और भाजपा पर पक्षपात के आरोप
मुख्यमंत्री और टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी कालीघाट स्थित अपने आवास से विधानसभा की 291 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में जम कर भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग राज्य के तमाम योग्य आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को हटा दे, लेकिन उसकी मंशा पूरी नहीं होगी। उनसे बंग्लाभाषी योग्य अधिकारियों को नहीं, योग्य हिंदीभाषी अधिकारियों को हटाया है। दूसरे राज्यों में भी विधानसभा चुनाव हो रहे हैं लेकिन उनसे केवल पश्चिम बंगाल को ही अपना टारगेट बनाया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग शीर्ष अधिकारियों को हटाने के बाद अब जिलों के अधिकारियों को हटा रहा है। चुनाव का नोटिफिकेशन के पहले ही यह सब किया जाने लगा है। ऐसा नजीर कभी नहीं देखा गया।
भाजपा पर साजिश और बाहरी लोगों को लाने का आरोप
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा और चुनाव आयोग को महिला विरोधी और बांग्ला के साथ-साथ हिंदी विरोधी बताया और कहा कि इस राज्य के तमाम योग्य अधिकारी इस राज्य की अस्तिमता की रक्षा करेंगे। उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि वह पश्चिम बंगाल विरोधी कार्य नहीं कर, रसोई गैस समेत तमाम समस्या पैदा नहीं कर, कोई साजिश हीं कर, दूसरे राज्यों को लोगों को नहीं लाकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए सीधे चुनावी संघर्ष करें। उन्होंने भाजपा पर रसोई गैस की समस्या पैदा कर कैश का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा रोहिंग्याओं की बात करती है और खुद दूसरे राज्यों से लोगों को वोट दिलाने के लिए ला रही है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के प्रति आस्था जताई और कहा कि वह विचाराधीन वोटरों के साथ अन्याय नहीं होने देगी। वे वोट के अधिकार से वंचित नहीं हो पाएं।
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