राजनांदगांव के डोंगरगांव में दिव्यांग नाबालिग के गर्भवती मिलने के बाद दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ की मदद से बयान लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)। जिले के डोंगरगांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक नाबालिग दिव्यांग पीड़िता से दुष्कर्म के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले का खुलासा तब हुआ, जब पीड़िता के गर्भवती होने की जानकारी सामने आई।
सात माह की गर्भावस्था का पता चलते ही परिजनों ने दर्ज कराई शिकायत
पुलिस के अनुसार, पीड़िता के परिजनों ने तब शिकायत दर्ज कराई जब इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाने पर पता चला कि नाबालिग पीड़िता करीब सात माह की गर्भवती है। इसके बाद 24 जुलाई को डोंगरगांव थाने में आरोपी कमल नारायण साहू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(के) के तहत अपराध दर्ज किया गया।
सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ की मदद से दर्ज हुआ बयान, आरोपी ने कबूला जुर्म
जांच के दौरान सामने आया कि पीड़िता बोलने में असमर्थ थी। ऐसे में पुलिस ने सीआरसी सेंटर के सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ की मदद से पीड़िता का बयान दर्ज कराया। बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी कमल नारायण साहू, निवासी तुमडीलेवा, को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
महिला और बाल अपराधों में त्वरित कार्रवाई की नीति पर पुलिस का जोर
पुलिस का कहना है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की नीति के तहत इस मामले में भी तत्काल जांच कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
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