रायगढ़। जिले में एक व्यक्ति की अपने बीमार दामाद को बचाने की कोशिश एक दर्दनाक घटना में बदल गई...
रायगढ़। जिले में एक व्यक्ति की अपने बीमार दामाद को बचाने की कोशिश एक दर्दनाक घटना में बदल गई। भगवान सिंह (60) को ट्रैफिक विवाद के दौरान लोहे की रॉड से बुरी तरह हमला कर घायल कर दिया गया। इसके बावजूद वे लगभग 120 किलोमीटर तक यात्रा करते रहे, क्योंकि वे अपने गंभीर रूप से बीमार दामाद को अस्पताल पहुंचाना चाहते थे। अंततः उन्हें लगे चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई।
ऐसे हुई घटना
यह घटना सोमवार दोपहर Khilchipur बस स्टैंड के पास हुई। बताया गया कि एक पिकअप वाहन सड़क पर खड़ा हो गया था और कई वाहनों से टकरा गया, जिससे ट्रैफिक जाम लग गया। भगवान सिंह, जो सिरंगी गांव के निवासी थे और खुजनेर थाना क्षेत्र में रहते थे, अपने 45 वर्षीय दामाद मनोहर सिंह को इलाज के लिए राजस्थान के Jhalawar ले जा रहे थे। उनके दामाद को गंभीर श्वसन बीमारी थी। करीब 12:22 बजे उनकी कार ट्रैफिक जाम में फंस गई।
जाम हटाने की कोशिश जानलेवा बन गई
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भगवान सिंह जाम हटाने के लिए कार से बाहर आए ताकि मरीज को जल्दी अस्पताल ले जाया जा सके। लेकिन यह फैसला उनके लिए घातक साबित हुआ। पुलिस के अनुसार जब उन्होंने पिकअप चालक से वाहन हटाने को कहा, तो चालक कैलाश तंवर (26) ने कथित रूप से लोहे की रॉड से उनके सिर पर हमला कर दिया। इस हमले से उन्हें गंभीर सिर की चोट आई।
चोट छुपाकर यात्रा जारी रखी
हमले के बाद भी भगवान सिंह ने मदद लेने के बजाय अपने सिर पर तौलिया बांधा और चुपचाप कार में वापस बैठ गए। उन्होंने अपने परिवार से हमले की बात भी छुपाई ताकि दामाद के इलाज में देरी न हो। उनके बेटे मोहन सिंह ने बताया कि परिवार को यह पता ही नहीं था कि वे कितने गंभीर रूप से घायल थे। उन्होंने कहा: “उनका किसी से लड़ने का कोई इरादा नहीं था। उनकी एकमात्र चिंता यह थी कि मेरे जीजा को जल्दी अस्पताल पहुंचाया जाए ताकि उनका इलाज हो सके।”
50 किलोमीटर तक दर्द सहते रहे
करीब 50 किलोमीटर तक भगवान सिंह सामने की सीट पर बैठे रहे, सिर पर तौलिया कसकर बंधा हुआ था और कपड़े से धीरे-धीरे खून रिसता रहा। जब रक्तस्राव बढ़ गया, तो परिवार उन्हें राजस्थान के इकलेरा अस्पताल ले गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई और तुरंत बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिवार उन्हें 70 किलोमीटर और दूर झालावाड़ ले गया, लेकिन जब तक वे अस्पताल पहुंचे, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिस व्यक्ति ने अपने दामाद को बचाने के लिए यात्रा शुरू की थी, उसी रास्ते में उसने अपनी जान गंवा दी।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
घटना के बाद परिवार ने खिलचीपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच के बाद आरोपी की तलाश शुरू की। आरोपी कैलाश तंवर, पिता हीरालाल तंवर, निवासी राजपुर, को प्रेमपुरा के पास गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार हमले के समय आरोपी शराब के नशे में था। थाना प्रभारी उमाशंकर मुकाती ने पुष्टि की कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
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