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निलंबन के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञाप

थानाधिकारी सतपाल सिंह सिहाग के समर्थन में सर्व समाज का शक्ति प्रदर्शन, निलंबन रद्द करने की मांग

कुचामन सिटी थानाधिकारी सतपाल सिंह सिहाग के नलंबन के विरोध में सोमवार को सर्व समाज के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया।

थानाधिकारी सतपाल सिंह सिहाग के समर्थन में सर्व समाज का शक्ति प्रदर्शन निलंबन रद्द करने की मांग

Mass Protest in Kuchaman Against Suspension of SHO Satpal Singh Sihag |

डीडवाना-कुचामन (राजस्थान)। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को काले झंडे दिखाने के मामले में निलंबित किए गए कुचामन सिटी थानाधिकारी सतपाल सिंह सिहाग के समर्थन में सोमवार को सर्व समाज के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सिहाग का निलंबन रद्द करने और उन्हें पुनः पदस्थापित करने की मांग की।

कनोई पार्क से उपखंड कार्यालय तक निकाला गया विशाल मार्च

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, युवाओं और नागरिकों ने कनोई पार्क में एकत्रित होकर बैठक की। इसके बाद कनोई पार्क से अंबेडकर सर्किल होते हुए उपखंड कार्यालय तक मार्च निकाला गया। मार्च में शामिल लोगों ने सतपाल सिंह सिहाग के समर्थन में नारे लगाए और उनके कार्यकाल की सराहना की।

उपखंड अधिकारी विश्वामित्र मीणा को सौंपा ज्ञापन

उपखंड कार्यालय पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उपखंड अधिकारी विश्वामित्र मीणा को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि कुचामन में वर्तमान में अधिकारी भय के माहौल में ड्यूटी कर रहे है कि कब किसका नंबर स्थानांतरण या निलंबन के रूप में आ जाए। ज्ञापन में बताया गया कि CI सतपाल सिंह सिहाग ने अपने कार्यकाल के दौरान कुचामन क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने, अपराध नियंत्रण और आमजन की समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सादगी और त्वरित कार्रवाई से जनता के बीच बनाई खास पहचान

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सिहाग अपने सादगीपूर्ण व्यवहार, आम लोगों की सहज सुनवाई और सभी वर्गों के साथ बेहतर समन्वय के कारण क्षेत्र में लोकप्रिय रहे हैं। फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और त्वरित कार्रवाई करना उनकी कार्यशैली की पहचान रही है। यही कारण है कि उनके निलंबन के बाद समाज के विभिन्न वर्गों में असंतोष देखने को मिल रहा है।

एक के बाद एक अधिकारियों पर गिरी गाज

गौरतलब है कि 29 मई को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के कुचामन दौरे के दौरान RLP कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया था। इस घटना के बाद प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर लगातार कार्रवाई हुई। पहले कुचामन तहसीलदार कैलाश ईनाणियां का तबादला किया गया, फिर डीडवाना-कुचामन के पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद्र यादव का स्थानांतरण हुआ और बाद में कुचामन थानाधिकारी सतपाल सिंह सिहाग को निलंबित कर दिया गया।

सतपाल सिंह सिहाग के पक्ष में उमड़ा जनसैलाब

सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी अधिकारी के कार्यों का मूल्यांकन उसके संपूर्ण कार्यकाल और जनता के बीच उसकी स्वीकार्यता के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सिहाग के निलंबन आदेश पर पुनर्विचार किया जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि सतपाल सिंह सिहाग को लेकर क्षेत्र में व्यापक जनसमर्थन मौजूद है। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ तथा ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शनकारी वापस लौट गए।

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