मथुरा के फरह परखम में स्वास्थ्य विभाग ने बिना पंजीकरण चल रहे निजी अस्पताल और मसानी रोड स्थित बंगाली क्लीनिक को सील किया। कार्रवाई दो वर्षीय बालिका को गलत इंजेक्शन लगाए जाने की शिकायत के बाद हुई।
मथुरा (उत्तर प्रदेश)। फरह परखम में दो वर्षीय बालिका को गलत इंजेक्शन लगाए जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से क्षेत्र के झोलाछापों में हड़कंप मचा हुआ है। बुधवार को विभाग ने परखम में चल रहे एक निजी अस्पताल और मथुरा के मसानी रोड स्थित बंगाली क्लीनिक को सील कर दिया।
बिना पंजीकरण तीन बेड का अस्पताल संचालित करने का आरोप
स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी गोपाल गर्ग ने बताया कि परखम निवासी अमित गोयल बिना पंजीकरण के तीन बेड का अस्पताल संचालित कर रहा था। स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी कि अस्पताल में उपचार की आवश्यक सुविधाएं नहीं हैं और इसी अस्पताल में दो वर्षीय बालिका को गलत इंजेक्शन लगाया गया था।
शिकायत के बाद दो बार की गई छापेमारी
शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पिछले सप्ताह दो बार छापेमारी की। कई प्रतिष्ठानों को नोटिस दिया गया और कुछ को सील किया गया। नोडल अधिकारी गोपाल गर्ग के अनुसार, अमित गोयल हर बार टीम को देखकर अस्पताल में ताला लगाकर फरार हो जाता था।
दस्तावेज नहीं दिखाने पर अस्पताल सील
बुधवार सुबह टीम ने दोबारा छापा मारा तो अमित गोयल मौके से भागने लगा। अधिकारियों ने उसे रोककर अस्पताल से संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई वैध कागजात नहीं दिखा पाया। इसके बाद टीम ने अस्पताल में रखी दवाओं को सीज कर अस्पताल को सील कर दिया।
मसानी रोड स्थित बंगाली क्लीनिक पर भी कार्रवाई
नोडल अधिकारी गोपाल गर्ग ने बताया कि इसके अलावा मसानी रोड स्थित एक बंगाली क्लीनिक पर भी कार्रवाई करते हुए उसे सील किया गया है। उन्होंने कहा कि बिना वैध दस्तावेज और मानकों के विपरीत चल रहे अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। आये दिन इस तरह के लोगो पर गलत इलाज करने के आरोप लगते रहे है कई बार गलत इलाज की वजह से लोगो को अपनी जान भी गवानी पड़ी है समय रहते ऐसी कार्यवाहियां होती रहनी चाहिए जिससे आम जनमानस के स्वास्थ्य से खिलवाड़ ना हो सके।
यह भी पढ़ें: करनैलगंज में चोरी की दो वारदातों में तीन गिरफ्तार, लाखों के जेवर और दो बाइक बरामद