अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सोमवार देर रात दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और एक अपराधी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग हुई।
नई दिल्ली [भारत]: अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सोमवार देर रात दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और एक अपराधी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग हुई। मुठभेड़ के बाद मेरठ निवासी आरोपी को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान आरोपी को कोई गोली नहीं लगी और घटना में कोई पुलिसकर्मी या नागरिक घायल नहीं हुआ। आरोपी एक हिस्ट्रीशीटर है, जो दिल्ली के छावला इलाके में फायरिंग की घटना और हत्या से संबंधित अपराधों सहित कई आपराधिक मामलों में कथित तौर पर शामिल है। क्राइम ब्रांच को आरोपी के दिल्ली की ओर आने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मयूर विहार को अक्षरधाम से जोड़ने वाले लूप के पास जाल बिछाया।
दोनों तरफ से हुई कई राउंड फायरिंग
आरोपी को देखते ही क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे घेर लिया। घेराबंदी के दौरान दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग हुई, जिसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी को काबू कर गिरफ्तार कर लिया। क्राइम ब्रांच के अधिकारी फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं और मामले की आगे की जांच जारी है। इसी बीच, एक अलग घटना में दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के साइबर पुलिस स्टेशन ने 'ब्रिटिश एयरवेज' और फ्यूचर विंग्स लर्निंग इंस्टीट्यूट के नाम पर चल रहे फर्जी एयरलाइन नौकरी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि रैकेट के कथित सरगना, उसके सहयोगी, एक वेबसाइट डेवलपर और तीन टेली-कॉलर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
नौकरी का झांसा देकर 7 से 10 हजार रुपये लेते थे
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी वेबसाइटों और सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए नौकरी के इच्छुक लोगों को निशाना बनाया। वे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नौकरी का झांसा देकर विमानन संबंधी पाठ्यक्रमों के लिए फर्जी प्रवेश या पंजीकरण शुल्क के रूप में 7,000 से 10,000 रुपये की मांग करते थे।
तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल नंबर, आईपीडीआर और ब्रॉडबैंड विवरण, भुगतान के तरीके, यूपीआई लेनदेन, बैंक खातों और वेबसाइट पंजीकरण से जुड़े विवरणों का तकनीकी विश्लेषण किया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों का पता नोएडा, उत्तर प्रदेश से चला। संदीप कुमार और उसके सहयोगी अखिल कुमार को 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया।
वेबसाइट डेवलपर और तीन टेली-कॉलर भी गिरफ्तार
पूछताछ और आगे की तकनीकी जांच के दौरान पुलिस ने रैकेट में शामिल कथित वेबसाइट डेवलपर और तीन टेली-कॉलर की पहचान की। आरोपियों की पहचान संदीप कुमार (23), ग्रेटर नोएडा निवासी, जो कथित तौर पर गिरोह का संचालक और मुख्य साजिशकर्ता था; अखिल कुमार (27), मुरादाबाद निवासी, जो उसका कथित 50-50 साझेदार था; राकेश कुमार (47), ग्रेटर नोएडा पश्चिम निवासी, जो कथित तौर पर वेबसाइट डेवलपर था; और तीन महिलाओं श्वेता, सपना और साक्षी के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर टेली-कॉलर के रूप में काम करती थीं।
(एएनआई)
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