महबूबा मुफ़्ती ने रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी की इमारतें गिराने के प्रस्ताव पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे नफरत की राजनीति बताते हुए छात्रों का समर्थन करने की अपील की है।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। जम्मू-कश्मीर की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने रविवार को रामपुर में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को गिराने के प्रस्तावित कदम की आलोचना की है। उन्होंने इसे नफरत और बदले की भावना वाला कदम बताया और लोगों से विरोध कर रहे छात्रों का साथ देने की अपील की।
जंतर-मंतर के विरोध-प्रदर्शनों से सीख लेने की सलाह
मुफ्ती ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "जौहर यूनिवर्सिटी जैसे शिक्षण संस्थान को नष्ट करना सिर्फ नफरत और बदले की भावना को दिखाता है।" उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जंतर-मंतर पर हुए हालिया विरोध-प्रदर्शनों से सीख लेने की अपील करते हुए कहा, "योगी को जंतर-मंतर से सीख लेनी चाहिए और देखना चाहिए कि देश के युवा नफरत और बंटवारे की राजनीति को कैसे नकार रहे हैं। विरोध कर रहे छात्रों का साथ खड़े हों।"
छात्रों के संघर्ष का किया समर्थन
मुफ़्ती, समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव के एक पोस्ट का जवाब दे रही थीं। यादव ने कहा था कि पार्टी के सांसद और विधायक रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए छात्रों के विरोध-प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। यादव ने अपने पोस्ट में कहा, "'शिक्षा बचाओ' आंदोलन की भी जीत होगी! रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए धरने पर बैठे छात्रों का हौसला बढ़ाने के लिए हमारे सांसद और विधायक इसमें शामिल हो रहे हैं।"
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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