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रायरेड्डी ने जताई हज यात्रा की इच्छा

मंत्री बसवराज रायरेड्डी बोले- इस्लाम महान धर्म, हज पर जाने की इच्छा

कर्नाटक के मंत्री बसवराज रायरेड्डी ने इस्लाम को महान धर्म बताते हुए कम से कम एक बार हज यात्रा पर जाने की इच्छा जताई और सभी धर्मों के अच्छे सिद्धांतों को जीवन में अपनाने की अपील की।

मंत्री बसवराज रायरेड्डी बोले- इस्लाम महान धर्म हज पर जाने की इच्छा

Minister Basavaraj Rayareddy Calls Islam a Great Religion, Expresses Desire to Perform Hajj |

कोप्पल (कर्नाटक)। कर्नाटक के मंत्री बसवराज रायरेड्डी ने रविवार को कहा कि इस्लाम एक महान धर्म है जो मानवता की शिक्षा देता है और उन्होंने कम से कम एक बार हज यात्रा करने की इच्छा व्यक्त की।

इस्लाम दुनिया का सबसे वैज्ञानिक और महानतम धर्म

शनिवार को कुकनूर में मुस्लिम समुदाय द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में बोलते हुए रायरेड्डी ने कहा, "इस्लाम दुनिया का सबसे वैज्ञानिक और महानतम धर्म है। मेरी कम से कम एक बार हज यात्रा करने की इच्छा है।" मंत्री ने कहा कि वे अक्सर मठों और मंदिरों में नहीं जाते हैं, लेकिन सभी धर्मों की शिक्षाओं का सम्मान करने में विश्वास रखते हैं।

समाज में इस्लाम के बारे में गलत धारणाएं फैला

उन्होंने कहा, "इस्लाम मानवता से परिपूर्ण एक महान धर्म है। लेकिन समाज में इस्लाम के बारे में गलत धारणाएं फैलाई जा रही हैं। यह धर्म सिखाता है कि मनुष्य को समाज में कैसे रहना चाहिए।" रायरेड्डी ने आगे कहा कि कुरान केवल मुसलमानों तक ही सीमित नहीं है और इसका अध्ययन हर कोई कर सकता है। उन्होंने कहा, "पैगंबर मोहम्मद ने कुरान को पूरी दुनिया को दिया है। कोई भी कुरान पढ़ सकता है; मैं भी कुरान का अध्ययन करने के लिए तैयार हूं।"

लोगों से कट्टरपंथी या जातिवादी न बनने का आग्रह

विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव का आह्वान करते हुए मंत्री ने लोगों से कट्टरपंथी या जातिवादी न बनने का आग्रह किया और कहा कि हर धर्म के मूल्यों और अच्छे सिद्धांतों को जीवन में अपनाना चाहिए। रायरेड्डी ने कहा, "सिर्फ मस्जिद जाकर 'अल्लाहु अकबर' कहना या मंदिरों में जाना ही सब कुछ ठीक नहीं कर देगा। सभी धर्मों के अच्छे सिद्धांतों को जीवन में अपनाना चाहिए।" हज इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है और इसे उन मुसलमानों के लिए एक धार्मिक कर्तव्य माना जाता है जो शारीरिक और आर्थिक रूप से तीर्थयात्रा करने में सक्षम हैं। अन्य चार स्तंभ हैं शहादा (ईमान की घोषणा), सलाह (दैनिक प्रार्थना), जकात (दान) और सौम (रमजान के दौरान उपवास)। (इनपुटः ANI)

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