नगर पालिका बिरसिंहपुर पाली का नया बस स्टैंड गुणवत्ता को लेकर सवालों में है। उद्घाटन से पहले ही दुकानों की दीवारों में दरारें आने पर मरम्मत शुरू।
उमरिया {मध्यप्रदेश}: नगर पालिका बिरसिंहपुर पाली द्वारा साईं मंदिर के समीप निर्मित नया बस स्टैंड एक बार फिर चर्चाओं में है। नगरवासियों को बेहतर यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए इस बस स्टैंड की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थिति यह है कि जिन दुकानों का अभी तक उद्घाटन भी नहीं हुआ और जिनके शटर तक नहीं खुले, उनकी दीवारों में दरारें आने के बाद मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है।
नई दुकानों की दीवारों में आईं दरारें
जानकारी के अनुसार, बस स्टैंड परिसर में बनी दुकानों की पिछली दीवारों में दरारें दिखाई देने लगी थीं। इसके बाद ठेकेदार द्वारा प्रभावित हिस्सों को तोड़कर मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण पूरा होने के कुछ ही समय बाद ऐसी खामियां सामने आना गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
पहले भी उठ चुके हैं निर्माण गुणवत्ता के मुद्दे
नगरवासियों के अनुसार, बस स्टैंड निर्माण शुरू होने के समय से ही गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। कई लोगों ने निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता पर आपत्तियां भी दर्ज कराई थीं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और इंजीनियरों ने इन शिकायतों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया। अब दीवारों में दरारें आने से लोगों की आशंकाएं सही साबित होती नजर आ रही हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
नगर पालिका बिरसिंहपुर पाली के नेता प्रतिपक्ष संजीव खंडेलवाल ने निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बस स्टैंड निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण उद्घाटन से पहले ही भवन की स्थिति खराब होने लगी है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मंत्री ने जताया आश्चर्य
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान की प्रतिक्रिया सामने आई। मंत्री ने कहा कि बिरसिंहपुर पाली में एक शानदार बस स्टैंड का निर्माण कराया गया है। यदि उद्घाटन से पहले ही उसमें जर्जरता जैसी स्थिति सामने आ रही है तो यह गंभीर विषय है और इसकी जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
करोड़ों की परियोजना पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने बस स्टैंड से बेहतर सुविधाओं की उम्मीद थी, लेकिन निर्माण के बाद सामने आ रही खामियों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों के बीच यह चर्चा भी आम हो गई है कि दुकानों के शटर खुलने से पहले ही दीवारें खुलने लगी हैं।
तकनीकी जांच की उठी मांग
नगर के नागरिकों ने जिला प्रशासन से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। साथ ही निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, गुणवत्ता परीक्षण और भुगतान प्रक्रिया की भी समीक्षा करने की बात कही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण में लापरवाही हुई है या गुणवत्ता से समझौता किया गया है।
जांच पर टिकीं लोगों की निगाहें
फिलहाल पाली का नया बस स्टैंड अपनी सुविधाओं से ज्यादा निर्माण गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के कारण चर्चा में है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई और संभावित जांच पर टिकी हुई हैं।
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