रायबरेली में दिशा की बैठक के बाद मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बैठक में राहुल गांधी की कार्यशैली और सरकारी योजनाओं की जानकारी पर सवाल उठाए।
रायबरेली: रायबरेली में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद अचानक सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। योगी सरकार में उद्यानमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली के सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उनके इस दौरे को महज एक "टीआरपी का खेल" करार दिया है। मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को न तो केंद्र सरकार की योजनाओं की कोई समझ है और न ही वे रायबरेली के विकास को लेकर संजीदा हैं।
मंत्री का राहुल गांधी पर तंज
बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पूरी बैठक के दौरान राहुल गांधी आत्मनिर्भर होकर एक भी बात नहीं रख पाए। मंत्री ने तंज कसते हुए कहा, दिशा की बैठक के दौरान हमने साफ देखा कि दिल्ली से आए तीन लोग राहुल गांधी को लगातार पर्ची लिखकर दे रहे थे। राहुल गांधी केवल उतना ही बोल पा रहे थे, जितना उन्हें उस पर्ची में लिखकर दिया जा रहा था।
राहुल गांधी को 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना की नहीं है जानकारी: मंत्री
मंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने बैठक के अंदर की एक घटना का जिक्र करते हुए राहुल गांधी की जानकारी पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने बैठक में मौजूद एक अधिकारी से पूछा कि आखिर 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना में होता क्या है? दिनेश प्रताप सिंह ने कहा, "जब सांसद को भारत सरकार की इतनी चर्चित और जनहितकारी योजना का ही ज्ञान नहीं है, तो वे क्षेत्र के विकास को क्या गति देंगे? अगर हमारे अधिकारियों को ही आपको योजनाओं का मतलब समझाना पड़े, तो आप जनप्रतिनिधि के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन कैसे करेंगे?"
विकास नहीं सिर्फ सुर्खियों के लिए आते हैं राहुल: मंत्री
दिनेश प्रताप सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि रायबरेली की जनता अब सब जान चुकी है। राहुल गांधी यहां जनसमस्याओं का समाधान करने या विकास की नई योजनाएं लाने नहीं आते, बल्कि सिर्फ मीडिया की सुर्खियों में बने रहने और अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए आते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार ने उन्हें रायबरेली के विकास की जिम्मेदारी दी है, लेकिन वे पूरी तरह से बेअसर साबित हो रहे हैं।
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