उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में थाना मनियर पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक संगीन मामले में बड़ी सफलता हासिल की है।
बलिया (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में थाना मनियर पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक संगीन मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने न केवल नाबालिग पीड़िता को सकुशल बरामद कर लिया है, बल्कि वारदात को अंजाम देने वाले दो मुख्य आरोपियों को भी धर दबोचा है।
केस वापस न लेने पर रची थी साजिश, डरा-धमकाकर किया था अपहरण
जानकारी के अनुसार वादी ने 20 अप्रैल को आरोपी कमला वर्मा उर्फ राजकमल के खिलाफ छेड़खानी का मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि आरोपी पक्ष लगातार वादी पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा था और जान से मारने की धमकी दे रहा था। धमकी देने वालों में कमला वर्मा के भाई संजय वर्मा, बहन रीता देवी, भांजा नील कमल और प्रमोद चौहान शामिल थे। वादी का आरोप है कि 19 मई की रात को इन लोगों ने साजिश के तहत उनकी नाबालिग बेटी का अपहरण कर लिया। इस तहरीर पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
रेलवे स्टेशन के पास से घेराबंदी कर दबोचे गए दोनों शातिर आरोपी
15 जून को थाना मनियर पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि उक्त मामले के वांछित आरोपी और अपहर्ता बलिया कोतवाली क्षेत्र स्थित मालगोदाम रोड रेलवे स्टेशन के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही उप निरीक्षक रमेश चंद्र यादव और उपनिरीक्षक सुधीर चौहान की टीम ने घेराबंदी कर दो आरोपियों कमला वर्मा उर्फ राजकमल और अनिल कमल उर्फ नीलकमल को गिरफ्तार कर लिया और नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद कर लिया।
मुख्य आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास, कोर्ट ने भेजा जेल
मुख्य आरोपी कमला वर्मा उर्फ राजकमल शातिर किस्म का अपराधी बताया जा रहा है। उस पर मनियर थाने में ही कई गंभीर मामले दर्ज है, जिनमें छेड़खानी, दुष्कर्म, पॉक्सो और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमे शामिल है। फिलहाल पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया है।
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